नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्र 2020-21 के बीएससी नर्सिंग और जीएनएम विद्यार्थियों (MP Nursing Students Protest Update) की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। चार साल में पूरा होने वाला पाठ्यक्रम छह साल बाद भी अधूरा है। लंबित परीक्षाओं, परिणाम, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हो रही देरी के विरोध में प्रदेशभर के नर्सिंग छात्र राजधानी भोपाल के अंबेडकर पार्क में अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को आंदोलन का दूसरा दिन रहा। छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
2024 तक पूरी होनी थी पढ़ाई, 2026 में भी परीक्षा लंबित
छात्रों के अनुसार, वर्ष 2020 में शुरू हुआ बीएससी नर्सिंग का चार वर्षीय पाठ्यक्रम वर्ष 2024 तक पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, वर्ष 2026 में भी तृतीय वर्ष का परिणाम लंबित है और चतुर्थ वर्ष की परीक्षा अब तक नहीं कराई गई है। इससे हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि वे कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला।
सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षा साथ कराने की मांग
आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की प्रमुख मांग है कि सूटेबल, अनसूटेबल और सुप्रीम कोर्ट से स्टे वाले ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों समेत सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की लंबित परीक्षाएं एक साथ आयोजित कराई जाएं। छात्रों का कहना है कि अलग-अलग चरणों में परीक्षा कराने से पूरी प्रक्रिया और लंबी हो सकती है।
विद्यार्थियों ने सत्र 2020-21 के छात्रों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराने की मांग रखी है। इसके अलावा सत्र 2021-22 और 2022-23 की लंबित परीक्षाएं भी जल्द कराने की मांग की गई है।
नया परीक्षा कैलेंडर और छात्रवृत्ति भुगतान की मांग
छात्रों ने मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी और मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल से नया परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग की है। विद्यार्थियों के मुताबिक परीक्षा और परिणाम की स्पष्ट समय-सीमा तय होनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
छात्रों ने सभी श्रेणी के विद्यार्थियों को लिटिगेशन पेंडेंसी सर्टिफिकेट देने और लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान करने की मांग भी की है। चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं के तहत शासकीय कॉलेजों के बांडेड छात्रों को मई 2027 तक शासकीय सेवा में नियुक्ति देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
रजिस्ट्रार से मिले छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
आंदोलन के दौरान छह सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार से मिला। प्रतिनिधियों ने लंबित परीक्षाओं, डिग्री, रजिस्ट्रेशन और छात्रवृत्ति सहित अन्य समस्याएं उनके सामने रखीं।
स्टेट कोर कमेटी सदस्य मनोज रजक ने कहा कि चार साल का पाठ्यक्रम छह साल में भी पूरा नहीं होना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। सरकार की ओर से मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक उनका शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।