विझिंजम बंदरगाह पर आयात-निर्यात शुरू: विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर घटेगी भारत की निर्भरता, अदाणी का कितना निवेश?

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 18 Aug 2026 11:52 PM IST

केरलम के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण रूप से आयात-निर्यात (EXIM) परिचालन शुरू कर दिया है। यह कदम विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर भारत की निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

Keralam Vizhinjam Port Import-export operations EXIM India reliance on foreign transshipment hubs to decrease

केरलम के विझिंजम बंदरगाह से आयात-निर्यात शुरू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरलम के विझिंजम बंदरगाह पर आयात-निर्यात परिचालन (EXIM) शुरू हो गया है। अदाणी ग्रुप यहां 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाला है। इस परिचालन की शुरुआत केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी समेत अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुई। मुख्यमंत्री सतीशन ने इसे "गर्व का क्षण" बताया और कहा कि विझिंजम अब दुनिया के लिए एक गेटवे है। उन्होंने 'मिशन समुद्र' के माध्यम से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स से नजदीक होने के क्या लाभ?
विझिंजम बंदरगाह पर आयात-निर्यात की शुरुआत के बाद सीएम ने कहा कि सरकार रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु 3,200 करोड़ रुपये आवंटित करेगी। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी गुप्ता ने कहा कि यह नया गेटवे भारत की आकांक्षाओं को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। उन्होंने पोर्ट को भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से भी जोड़ा।वर्तमान में भारत के 75 फीसदी से अधिक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों से संभाले जाते हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ती है। विझिंजम की भौगोलिक स्थिति और 18-20 मीटर का प्राकृतिक ड्राफ्ट इसे विशाल अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स को संभालने में सक्षम बनाता है। यह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स से सिर्फ 10 नॉटिकल मील की दूरी पर है
अदाणी समूह का कितना निवेश, क्षमता विस्तार में क्या योगदान?
अदाणी समूह का विझिंजम परियोजना में कुल निवेश 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। दूसरे चरण में 16,000 करोड़ रुपये का विस्तार किया जाएगा। इससे पोर्ट की सालाना क्षमता बढ़कर 57 लाख टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) हो जाएगी। इसमें 1,200 मीटर कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे बुनियादी ढांचे जोड़े जाएंगे। पूरे चरण का विकास दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
 
व्यापार और रोजगार पर कितना प्रभाव?
विझिंजम में वाणिज्यिक परिचालन 3 दिसंबर 2024 को शुरू हुए थे। तब से पोर्ट 23 लाख टीईयू से अधिक कार्गो और 1,100 जहाजों को संभाल चुका है। इनमें 80 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स शामिल हैं। यह परिचालन केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नेटवर्क तक सीधी पहुंच देगा। इससे कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू, तमिलनाडु के कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे विनिर्माण केंद्रों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को समर्थन मिलेगा। इसके विकास से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

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