केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन में मेधावी विद्यार्थियों

को लैपटॉप बांटे और सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया।

हर बच्चे में अपार बुद्धि और प्रतिभा है, जरूरत केवल सही ढंग से पढ़ने और आगे बढ़ने की है- शिवराज सिंह चौहान

10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले बच्चों को हर साल लैपटॉप देकर करेंगे प्रोत्साहित- शिवराज सिंह चौहान

सरकारी स्कूल केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को साकार करने के केंद्र बनें- शिवराज सिंह चौहान

वन नेशन, वन एजुकेशन के संकल्प के साथ हर बच्चे को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा- शिवराज सिंह चौहान

रायसेन में शुरू होगी मामा कोचिंग क्लास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा बेहतर मार्गदर्शन- शिवराज सिंह चौहान

कौशल प्रशिक्षण और रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास करेंगे- शिवराज सिंह चौहान

बच्चे कभी हताश और निराश न हों, मामा हर कदम पर साथ खड़ा है- शिवराज सिंह चौहान

प्रविष्टि तिथि: 24 AUG 2026 4:00PM by PIB Bhopal
 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन के दौरे पर रहे। इस दौरान शिवराज सिंह, शिक्षा और छात्र कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हुए। रायसेन में आयोजित प्रेम सुंदर मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण भी किया। वहीं छात्राओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरू की गई अजीम प्रेमजी फाउंडेशन गर्ल्स स्कॉलरशिप योजना के फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया में भी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने इसके अलावा दिशा बैठक में शामिल होकर क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मुझे लगता है कि यह रिश्ता जन्म-जन्म का साथ है। मामा केवल कहने का मामा नहीं होता, मामा मतलब मां का आंचल और पिता का कंधा होता है। मेरे जीवन के सबसे ज्यादा खुशी के पल वही होते हैं, जब मेरे भांजे-भांजी मेरे साथ होते हैं। 

हर बच्चे में अपार बुद्धि और प्रतिभा है

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, हर बच्चे के भीतर अपार बुद्धि, प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता मौजूद है। बेटा हो या बेटी, कोई भी बच्चा कमजोर नहीं है। जरूरत केवल आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन और मन लगाकर पढ़ाई करने की है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे कभी भी अपने मन में यह विचार न आने दें कि उनमें बुद्धि या क्षमता की कमी है। भगवान ने किसी को भी बुद्धि की कमी नहीं दी है और हर बच्चा जीवन में चमत्कार कर सकता है और देश-दुनिया के बड़े से बड़े पदों तक पहुंच सकता है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मैंने अपने माता-पिता के नाम पर निर्णय लिया है कि 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को हर साल लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे, ताकि संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को आज लैपटॉप मिल रहा है, उन्हें बधाई, लेकिन जो बच्चे अभी इससे वंचित हैं, वे भी मेहनत करें और आगे बढ़ें। मामा हर बच्चे को प्रोत्साहित करेगा और मेहनत करने वालों के लिए आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

सरकारी स्कूलों में भी मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लंबे समय से मेरे मन में यह विचार था कि सरकारी स्कूल भी हर दृष्टि से उत्कृष्ट क्यों नहीं हो सकते। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों की तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ ऐसे स्कूलों की कल्पना की गई, जहां आधुनिक लैब, समृद्ध लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान, संगीत, नृत्य, पेंटिंग और खेलकूद सहित बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को साकार करने के केंद्र बनने चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसी संकल्प के साथ मध्यप्रदेश में सीएम राइज और सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना को साकार किया गया। उन्होंने कहा कि रायसेन का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से तैयार हुआ है और आज यह स्कूल क्षेत्र के बच्चों के सामने आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया उदाहरण बनकर खड़ा है।

‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा संकल्प है कि, सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कोई बड़ा अंतर न रहे। हर बच्चे को समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की भावना के साथ ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य बच्चों के हाथों में है और इसलिए बच्चों की शिक्षा पर किया गया निवेश सबसे बड़ा निवेश है। सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि बच्चों को बेहतर स्कूल, शिक्षक, संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। 

रायसेन में शुरू होगी ‘मामा कोचिंग क्लास’

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन के विद्यार्थियों के लिए एक और पहल की घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘मामा कोचिंग क्लास’ शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बच्चे उनसे मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग फीस दिलाने का आग्रह करते थे। ऐसे में अलग-अलग बच्चों की फीस भरवाने के बजाय रायसेन में ही बेहतर कोचिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है। 10 तारीख से आवेदन फॉर्म भरे जाएंगे और 15 सितंबर तक आवेदन की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद 20 सितंबर को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। चयनित विद्यार्थियों के लिए साक्षात्कार के बाद 5 अक्टूबर से रायसेन में कोचिंग क्लास शुरू कर दी जाएगी। इस कोचिंग के माध्यम से एमपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग परीक्षाओं सहित राज्य और केंद्र स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश दिया जाएगा, जबकि जिन बच्चों को प्रत्यक्ष प्रवेश नहीं मिल पाएगा, उन्हें भी ऑनलाइन माध्यम से कोचिंग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

कौशल प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार से जोड़ेंगे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा के साथ रोजगार भी जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। सभी युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है, इसलिए निजी क्षेत्र और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडीदीप, भोपाल और देश के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उद्योगों को कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों और युवाओं की रुचि होगी, उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए आईटीआई सहित निजी संस्थानों का भी सहयोग लिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद रोजगार मेले आयोजित कर युवाओं को प्लेसमेंट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे निजी क्षेत्र में भी बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के लिए आवश्यक कौशल सिखाने की दिशा में भी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला पंचायत स्तर पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। 

जिद और निराशा से बचें, माता-पिता के सपनों को कभी न टूटने दें

विद्यार्थियों से भावनात्मक अपील करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जीवन में हर इच्छा पूरी होना संभव नहीं है। कई चीजें मिलती हैं और कई चीजें नहीं मिलतीं, लेकिन किसी भी स्थिति में बच्चों को निराश या हताश नहीं होना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र की एक दुखद घटना का जिक्र करते हुए बच्चों से कहा कि किसी वस्तु या इच्छा के लिए ऐसी जिद कभी न करें, जिससे स्वयं या परिवार को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुख और दुख दोनों परिस्थितियों में संयम बनाए रखना जरूरी है। माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। इसलिए बच्चों को कभी भी उनके सपनों को टूटने नहीं देना चाहिए और मेहनत के माध्यम से उनके विश्वास को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, मेरी कोशिश रहेगी कि मेरे बच्चे हर तरह की सुविधा प्राप्त करें और अपने सपनों को साकार करें। मामा हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ा है और तुम्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।


Leave Comments

Top