प्रदेश में 30 से सरकारी सेवा होगी पूरी तरह डिजिटल
भोपाल। प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों शासकीय सेवकों को बड़ी राहत देते हुए उनके सेवा-संबंधी प्रबंधन को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य शासन ने मानव संसाधन प्रबंधन के लिए ‘ई-एचआरएमएस’ और विभागीय जांच प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए डीई पोर्टल के एंड-टू-एंड ऑनलाइन वर्कफ्लो को लागू करने का निर्णय लिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था प्रदेश के सभी विभागों और उनके अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। यह नया डिजिटल सिस्टम आईएफएमआईएस स्पैरो और अन्य कर्मचारी-संबंधी पोर्टलों के साथ एकीकृत (इंटीग्रेटेड) रहेगा। इससे नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्ति तक कर्मचारियों के पूरे सेवा-जीवन चक्र का सुव्यवस्थित प्रबंधन हो सकेगा। लीव, टूर, एनओसी और अन्य सेवा-संबंधी अनुमतियों के निपटारे में लगने वाले समय और कागजी कार्रवाई में भारी कमी आएगी। पदोन्नति, प्रोबेशन पीरियड की पुष्टि और स्थापना से जुड़े मामलों का निपटारा तय समय-सीमा में हो सकेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और कैडर प्रबंधन के कार्य अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी होंगे। डीई पोर्टल के माध्यम से विभागीय जांच के पंजीयन से लेकर अंतिम फैसले तक की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जा सकेगी।
कर्मचारियों को मिलेगा समेकित डिजिटल प्रोफाइल
इस नई व्यवस्था से प्रत्येक शासकीय सेवक को अपना एकीकृत डिजिटल प्रोफाइल उपलब्ध होगा। इसके जरिए कर्मचारी अपनी सर्विस बुक, जीपीएफ बैलेंस, पे-स्लिप, लीव रिकॉर्ड और वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन का विवरण एक ही जगह देख सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को 30 सितंबर तक इन पोर्टलों को पूर्ण रूप से अपनाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागवार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। शासन स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।