पूर्व भाजपा विधायक ममता मीना बोली हम डरने वाले नहीं, 2029 में जनता देगी जवाब
भोपाल। पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ अनुसूचित जनजाति के फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति का पारा अचानक चढ़ गया है। चांचौड़ा से पूर्व भाजपा विधायक और रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखा निशाना साधा है।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में ममता मीना ने कहा कि उनके परिवार को किसी भी तरह की दबाव या कार्रवाई से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ चाहे दो-चार केस और दर्ज करा दिए जाएं, हम डरने वाले नहीं हैं। अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की मिसाल दी और कहा कि वह कानूनी रास्ते से अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि चुनाव ज्यादा दूर नहीं है और वक्त आने पर जनता ही इसका माकूल जवाब देगी।
1984 के जाति प्रमाणपत्र पर अटका विवाद
यह पूरा मामला वर्ष 1984 में विदिशा से जारी एसटी जाति प्रमाणपत्र की वैधता और उसके आधार पर मिले आरक्षण के लाभ से जुड़ा है। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने इस मामले में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा जांच के दौरान इस प्रमाणपत्र को अमान्य पाया गया था। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद ममता मीना का स्पष्ट कहना है कि यह उनके परिवार पर राजनीतिक दबाव बनाने की सोची-समझी कोशिश है। फिलहाल, एफआईआर से जुड़े सभी आरोप और वैधानिक पहलू संबंधित जांच एजेंसियों व न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।