इमरान खान की बहन अलीमा खान लाहौर से गिरफ्तार, 27 सितंबर के महाप्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद सील

लाहौर/इस्लामाबाद. पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है. पंजाब पुलिस ने इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर स्थित उनके आवास के पास से गिरफ्तार कर लिया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे सरकार की बौखलाहट और दमनकारी नीति बताया है.  

यह गिरफ्तारी पीटीआई द्वारा 27 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई की मांग को लेकर आयोजित राष्ट्रव्यापी 'इस्लामाबाद मार्च' से ठीक पहले हुई है. 

27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले शुरू हुआ धरपकड़ अभियान  

तोशाखाना और अन्य मामलों के तहत अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान को छुड़ाने के लिए पीटीआई ने व्यापक रणनीति बनाई है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से 27 सितंबर को इस्लामाबाद में जुटने का आह्वान किया है। हालांकि, प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने पीटीआई के प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों और दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है।

छावनी में तब्दील हुई राजधानी इस्लामाबाद, सुरक्षा हाई अलर्ट पर

प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं:

सीक्रेट बैठकों में बनी रणनीति: सेंट्रल पुलिस ऑफिस (CPO) की हाई-लेवल बैठकों के बाद इस्लामाबाद के प्रवेश और निकास द्वारों को सील करने की तैयारी कर ली गई है.

संदिग्ध ठिकानों पर पैनी नजर: राजधानी में स्थित होटलों, गेस्ट हाउस, बस टर्मिनलों और सरायों में लगातार जांच की जा रही है.  

मददगारों पर शिकंजा: प्रदर्शनकारियों के लिए टेंट, भोजन और परिवहन (ट्रांसपोर्ट) की व्यवस्था करने वाले ठेकेदारों और समर्थकों की सूची तैयार कर उन पर निगरानी बढ़ा दी गई है.  

इंटेलिजेंस एक्टिवेट: विशेष शाखा (Special Branch) और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) को पीटीआई की हर गुप्त गतिविधि पर नजर रखने का जिम्मा सौंपा गया है. 

आने वाले दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
अलीमा खान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई समर्थकों और कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा है. पीटीआई नेतृत्व का कहना है कि गिरफ्तारियों और दमनकारी हथकंडों से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है, वहीं गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्थिति में गैर-कानूनी प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.


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