जबलपुर. जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां पर एमए चौथे सेमेस्टर में तीसरे सेमेस्टर के प्रश्र पूछे गए. प्रश्र पत्र बंटते ही छात्र कुछ पल के लिए स्तब्ध रहे गए. इसके बाद छात्रों ने आज जमकर हंगामा किया.
बताया गया है कि आज पूर्वान्ह 11 बजे एमए चतुर्थ सेमेस्टर के अंग्रेजी विषय के द्वितीय प्रश्र पत्र की परीक्षा थी, जैसे ही परीक्षार्थियों को प्रश्र पत्र बांटे गए वे स्तब्ध रह गए, पेपर में पूछे गए सभी सवाल तृतीय सेमेस्टर पाठ्यक्रम के थे. छात्रों ने एक दूसरे चर्चा कर कनफर्म किया, इसके बाद उन्होने हंगाम शुरु कर दिया, अचानक हंगाम होते देख परीक्षा हालत में उपस्थित टीचर घबरा गए. खबर मिलते ही प्रबंधन के अधिकारी भी पहुंच गए, जिन्होने छात्रों को समझाइश देने की कोशिश की लेकिन वे किसी की बात सुनने तैयार नहीं थे. आक्रोशित छात्रों का कहना था कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी 24 सितम्बर को एमए इंगलिश के फस्र्ट पेपर में भी तृतीय सेमेस्टर के प्रश्र पूछे गए थे.
गौरतलब है कि एनईएस कालेज परीक्षा केन्द्र में 50 छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे, उन्होने भी आउट ऑफ सिलेबस पर्चा मिलने पर परीक्षा देने से इंकार कर दिया, इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन के नाम से लिखित आवेदन सौंपकर केन्द्र से बाहर आ गए, कालेज प्रबंधन का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन से चर्चा के बादसभी परीक्षार्थियों के रोल नम्बर दर्ज कर आवेदन ले लिए गए है. इसके बाद परीक्षा दिए जाने की अनुमति दी गई है.
गौरतलब है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यलय का शैक्षणिक सत्र पहले से ही 6 माह पीछे चल रहा है, इसके बाद परीक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की लापरवाही से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए है. वहीं छात्रों की माने तो वर्तमान परीक्षा नियंत्रक मूल रुप से शासकीय कालेज में शिक्षक है और उन्होने विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं को आयोजित करने का पर्याप्त अनुभव नहीं है, इसके बाद भी लगातार हो रही बड़ी लापरवाही पर किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है. इस मामले को लेकर कुलसचिव रविशंकर सोनवाल का कहना है कि एमए अंग्रेजी चौथे सेमेस्टर के प्रथम व द्वितीय प्रश्र पत्र के सिलेबस से जुड़ी शिकायतों के संबंध में परीक्षा नियंत्रक से जबाव मांगा जाएगा, परीक्षा का संचालन सुचारु रखने के लिए विशेष तैार पर परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति की गई है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी.