मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है। नए मास्टर प्लान में शहर के विकास के साथ पर्यावरण, रोजगार, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। अब प्रशासन इस ड्राफ्ट पर जनता से दावे-आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा। मास्टर प्लान का ड्राफ्ट चार प्रमुख आधारों पर तैयार किया गया है। इनमें प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण, आधुनिक और नागरिक हितैषी विकास, शहर में जरूरी बदलावों को बढ़ावा देना और रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप प्रकाशित किया गया है। इसमें भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, आसान आवाजाही और आर्थिक विकास के अवसर देने का प्रयास किया गया है।
51 किलोमीटर का होगा ग्रोथ कॉरिडोर
मास्टर प्लान में करीब 3000 हेक्टेयर जमीन ग्रोथ कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है। यह कॉरिडोर ईकेएआई सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक और थोक व्यापार क्षेत्र सहित विभिन्न उपनगरों को जोड़ेगा। ग्रोथ कॉरिडोर में होटल, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी, एआई और डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाइपर मार्केट, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, एजुकेशन हब और आवास जैसी गतिविधियां विकसित की जा सकेंगी। यहां मिश्रित उपयोग और ज्यादा घनत्व वाले विकास का प्रस्ताव है। इस कॉरिडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर का प्रस्ताव है, जिसे भविष्य में एमआरटीएस में बदला जा सकेगा। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्गों को भी ग्रोथ कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है। एक ही इलाके में मकान और दुकान
मास्टर प्लान में मिश्रित भूमि उपयोग का प्रस्ताव रखा गया है। यानी सड़क की चौड़ाई के आधार पर कुछ क्षेत्रों में आवासीय उपयोग के साथ दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसका उद्देश्य लोगों के घर और काम की जगह के बीच दूरी कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। चौड़ी सड़कों पर स्थित जमीनों के लिए एफएआर और भवन की ऊंचाई को लेकर अधिक छूट देने का प्रस्ताव है। विकास के नियमों को भी आसान बनाने की बात कही गई है।
हरित क्षेत्र 16 से बढ़कर 27 प्रतिशत
भोपाल मास्टर प्लान-2005 में हरित क्षेत्र करीब 16 प्रतिशत था। नए भोपाल विकास योजना-2047 में इसे बढ़ाकर करीब 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए यहां गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। कॉलोनी स्तर पर खुले क्षेत्र को भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। योजना में भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र, पहाड़ियों, जंगल, तालाबों, जलाशयों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों को संरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
डिजिटल ट्विन सिटी से होगी निगरानी
शहर के विकास और निर्माण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अवैध निर्माण, यातायात और दूसरी शहरी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करना है। सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था जैसे प्रावधान भी किए गए हैं।
पार्किंग की समस्या दूर करने पर जोर
मास्टर प्लान में मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे, आरओबी और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकेगी। बेसमेंट पार्किंग के लिए जमीन के संयुक्त उपयोग की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है।
भौंरी में बनेगी एजुकेशन हब
भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ईकेएआई) सिटी विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षा और एआई से जुड़े संस्थानों को बढ़ावा देना है।
अनाथ आश्रम, मूक-बधिर विद्यालय, छात्रावास, दिव्यांग विशेष विद्यालय, वृद्धाश्रम और रैन बसेरा जैसी चैरिटेबल गतिविधियों को भी कई तरह के भूमि उपयोग क्षेत्रों में अनुमति देने का प्रस्ताव है।
45 लाख आबादी के हिसाब से तैयार योजना
भोपाल विकास योजना-2047 को 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। इसमें 254 गांव शामिल हैं और इसे करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। योजना में विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61,017.02 हेक्टेयर रखा गया है। अब इस प्रारूप पर प्रशासन जनता से दावे, आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।