नया प्लेन खरीदेगी एमपी सरकार, प्रदेश को मिलेगा शासकीय विमान, चार्टर्ड विमान पर निर्भरता होगी समाप्त

प्रदेश को जल्द ही एक शासकीय विमान मिलेगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री हवाई यात्रा के लिए निजी विमानों का उपयोग करते हैं। नया विमान आने से चार्टर्ड विमान प...और पढ़ें

Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 10:00:06 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 10:49:03 PM (IST)
  1. सरकार को जल्द मिलेगा नया शासकीय विमान
  2. किराए के चार्टर्ड प्लेन पर निर्भरता होगी खत्म
  3. ग्वालियर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था पुराना विमान

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश को जल्द ही एक शासकीय विमान मिलेगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री हवाई यात्रा के लिए निजी विमानों का उपयोग करते हैं। नया विमान आने से चार्टर्ड विमान पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।

कई राज्यों जैसे- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ इत्यादि में स्वयं के विमान एवं हेलीकॉप्टर हैं। भौगोलिक दृष्टि से बड़ा राज्य होने के कारण मध्य प्रदेश में त्वरित पहुंच एवं आकस्मिक परिस्थितियों में विमान एवं हेलीकॉप्टर की तुलनात्मक रूप से अधिक आवश्यकता रहती है।

प्रदेश का विमान ग्वालियर में हो गया था क्षतिग्रस्त

कोविड-19 के दौरान प्रदेश सरकार का विमान कोविड की अत्यंत महत्वपूर्ण दवा रेमडेसिविर को प्रदेश के विभिन्न स्थानों में ले जाते हुए ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से लगातार किराए के चार्टर्ड विमान का उपयोग किया जा रहा है।

शासकीय विमान आने से राज्य सरकार का व्यय प्रतिमाह एक तिहाई ही रह जाएगा। इसी तरह से प्रदेश से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। पहले दुबई और अब अबू धाबी के साथ इंदौर का हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। सिंहस्थ-2028 के लिए भी दताना-मताना एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है।

प्रदेश में 5 नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति प्रक्रियाधीन

प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही उड़ान योजना अंतर्गत प्रदेश की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, 75 किमी पर एयरस्ट्रिप, 45 किमी पर होगा हेलीपैड

मप्र में लगातार विमानन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट के विकास का कार्य प्रगति पर है। हवाई सुविधाओं को और व्यापक बनाने के लिए हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड बनाया जाएगा। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है।

स्टेट प्लेन का सीएम, राज्यपाल से लेकर मुख्य सचिव, मंत्री भी करते हैं उपयोग

प्रदेश में स्टेट प्लेन (सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर) का उपयोग मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल, मुख्य सचिव और मंत्रियों द्वारा किया जाता है। प्रदेश सरकार के विमानन विभाग के नियमों के तहत इन सभी संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए राजकीय दौरों और आपातकालीन कार्यों के लिए सरकारी हवाई साधनों के उपयोग की व्यवस्था होती है।

पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से आस्था, विरासत और प्रकृति के सुगम दर्शन

पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश में आस्था, विरासत और प्रकृति के सुगम दर्शन कराए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर तीन वर्ष के अनुबंध के तहत पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के अंतर्गत अब तक 5,200 से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा का उपयोग किया है, जबकि 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं।

प्रदेश में 29 मई 2024 से संचालित पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा के तहत अब तक 186 मरीजों एवं दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ दिया गया है। इंदौर से अबू धाबी के बीच सीधी उड़ान वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान है। तीन घंटे 15 मिनट की इस सीधी उड़ान से विकास, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में विकसित हो रहा दताना-मताना एयरपोर्ट

उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास आरसीएस उड़ान 5.2 के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 2,700 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण होगा। उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।


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