वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM), भोपाल में मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वंदे मातरम् युवा शिविर 2026–27 के तीसरे दिन युवाओं को डिजिटल डिटॉक्स, नशामुक्ति, आध्यात्मिक जीवन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। शिविर में देश के छह राज्यों से आए युवा प्रतिभागी विभिन्न सत्रों एवं गतिविधियों में भाग लेकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
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डिजिटल डिटॉक्स एवं आध्यात्मिक जीवन पर विशेष सत्र
दिन के प्रथम सत्र में ब्रह्माकुमारी, भोपाल की आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं आयुर्वेद चिकित्सक बी.के. डॉ. देवयानी ने युवाओं को नशामुक्ति और डिजिटल डिटॉक्स के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर सवाल उठाते हुए युवाओं को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया कि मोबाइल उनके नियंत्रण में है या वे स्वयं मोबाइल के नियंत्रण में हैं। उन्होंने मोबाइल नोटिफिकेशन सीमित करने, अनावश्यक डिजिटल सामग्री हटाने तथा एकाग्रता बढ़ाने जैसी उपयोगी आदतें अपनाने की सलाह दी।
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इसके पश्चात ब्रह्माकुमारी की आध्यात्मिक सेवाओं की समन्वयक बी.के. बहन हेमा ने आध्यात्मिकता एवं चेतना के विषय पर विचार साझा किए। उन्होंने व्यक्ति के सहज स्वरूप और बाहरी परिस्थितियों से निर्मित व्यक्तित्व के बीच अंतर समझाते हुए युवाओं को आत्मचिंतन, सकारात्मकता और आंतरिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित किया।
नेतृत्व, संघर्ष से सफलता और राष्ट्र निर्माण पर परिचर्चा
द्वितीय सत्र में नेतृत्व क्षमता, संघर्षों से उबरने, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण पर आधारित परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें वनस्पति विज्ञान में हिंदी माध्यम से पीएचडी करने वाले प्रथम विद्वान एवं गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय, राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित आयकर अधिकारी श्री राहुल, अधिवक्ता एवं युवा प्रेरक सुश्री हर्षा हसवानी तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक श्री नवीन कुमार ने युवाओं के साथ अपने विचार और अनुभव साझा किए।
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डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय ने अपने जीवन के संघर्षों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि असफलताएँ सफलता की राह में महत्वपूर्ण सीख प्रदान करती हैं। उन्होंने दूसरों की सहायता करने की भावना को युवाओं की महत्वपूर्ण पहचान बताया तथा अपने अनुभवों के माध्यम से प्रतिभागियों को निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।
आयकर अधिकारी श्री राहुल ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन बनाए रखने और समय का सदुपयोग करने का संदेश दिया।

अधिवक्ता सुश्री हर्षा हसवानी ने महिला सशक्तिकरण एवं अधिकारों पर संवाद किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शैक्षिक योगदान को याद करते हुए महिलाओं की शिक्षा और समान अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित POSH अधिनियम तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जानकारी दी।
भारतीय खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक श्री नवीन कुमार ने खेलों के माध्यम से लैंगिक समानता, युवा विकास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने पर अपने विचार रखे।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान से सुदृढ़ होगी राष्ट्रीय एकता
शिविर के आगामी कार्यक्रमों में छह राज्यों के युवा अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में हिमाचल प्रदेश के युवाओं द्वारा पारंपरिक 'नाटी' नृत्य की मनमोहक छटा बिखेरी गई । वहीं, उत्तर प्रदेश के प्रतिभागी अपने समृद्ध लोक नृत्यों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। राजस्थान के युवाओं ने अपने प्रसिद्ध 'घूमर' नृत्य के जरिए राजस्थानी संस्कृति की झलक पेश की , जबकि गुजरात के युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले ऊर्जावान 'गरबा' नृत्य से शिविर का माहौल पूरी तरह से उत्सवमयी हो गया । इसके अलावा ओडिशा के युवाओं ने अपने प्रसिद्ध 'ओडिसी' नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सभी को भावविभोर कर दिया। तमिलनाडु के प्रतिभागियों ने भी अपने पारंपरिक 'भरतनाट्यम' के माध्यम से दक्षिण भारतीय कला और संस्कृति की भव्यता को मंच पर जीवंत किया । शिविर के आगामी दिनों में क्षेत्रीय भ्रमण, अनुभवात्मक गतिविधियों, खेलकूद, समूह कार्यों और संवाद सत्रों के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत किया जाएगा। शिविर का समापन 18 अक्टूबर 2026 को समापन समारोह, समूह छायाचित्र एवं प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त करने के साथ होगा।
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राष्ट्रीय वंदे मातरम् युवा शिविर का उद्देश्य युवाओं को देश की गौरवशाली विरासत से जोड़ना, विविधता में एकता की भावना को मजबूत करना तथा विकसित भारत @2047 के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश के राज्य निदेशक श्री मंगल जाखड़ जी, उप निदेशक श्री रोहित यादव जी एवं सुश्री मोनिका चौधरी जी, सुश्री निक्की राठौर (भोपाल), सहायक निदेशक श्री अभिषेक भारद्वाज जी, जिला युवा अधिकारी सुश्री पल्लवी दुबे (खंडवा), श्री उमंग जैन (नरसिंहपुर), सुश्री श्रद्धा मित्तल (हरदा), श्री मयंक पाठक (छतरपुर), सहित अन्य अधिकारियों एवं कार्यालयीन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के मीडिया एवं प्रचार-प्रसार का दायित्व श्री सागर वाधवानी, कार्यक्रम मीडिया प्रभारी द्वारा निभाया गया। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आपसी समन्वय, सहयोग एवं समर्पण के साथ शिविर के सफल संचालन में योगदान दिया।**
(रिलीज़ आईडी: 2323354) आगंतुक पटल : 12