सर्वर और तकनीकी खामियों ने धीमी की रजिस्ट्री की रफ्तार

भोपाल। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना इन दिनों प्रशासनिक दावों के विपरीत मैदानी स्तर पर तकनीकी खामियों का शिकार हो रही है। विभागीय पोर्टल के अत्यधिक धीमे चलने और दिनभर सर्वर डाउन रहने के कारण ग्रामीण अंचलों में जमीनों और मकानों की रजिस्ट्री का काम लगभग ठप सा पड़ गया है। हालात यह हैं कि सुबह से शाम तक दफ्तरों में मशक्कत के बावजूद राजस्व अमला तय लक्ष्यों से काफी पीछे छूट रहा है।
प्रशासन ने योजना को गति देने के लिए रोजाना 1,000 से अधिक रजिस्ट्रियों का भारी-भरकम लक्ष्य तय किया है। हालांकि, धरातल पर स्थिति यह है कि सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक सर्वर लगातार दगा दे रहा है। घंटों इंतजार के बाद एक पटवारी दिनभर में महज 5 से 7 मकानों की ही रजिस्ट्री दर्ज कर पा रहा है। ऐसे में दैनिक लक्ष्य को हासिल करना मैदानी अमले के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
गौरतलब है कि स्वामित्व योजना की प्रक्रिया को लेकर शुरुआत में भी पटवारियों ने कड़ा विरोध जताया था। शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद ही काम दोबारा पटरी पर लौट सका था। अब एक बार फिर पोर्टल की सुस्ती और लगातार आ रही तकनीकी अड़चनों ने कर्मचारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि समय रहते सर्वर क्षमता में सुधार नहीं किया गया, तो प्रशासनिक अधिकारियों और मैदानी राजस्व कर्मचारियों के बीच तनाव और गहराने की आशंका है।
 ग्वालियर हादसा, सीएसपी को हटाया, आठ पुलिसकर्मी निलंबित
भोपाल। ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। हादसे के बाद पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया गया है, जबकि तीन थाना प्रभारियों सहित आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई कार्रवाई में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा और झांसी रोड ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी को निलंबित किया गया है। इनके अलावा निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी तथा आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया और पवन सेंगर पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों पर सवाल उठे थे। इसके मद्देनजर सरकार ने जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेपरि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेपरि है। कर्तव्य निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। सरकार के इस कदम को हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता
हादसे के पीड़ितों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
  एसआईआर विवाद, दिल्ली कूच की रणनीति तैयार करेगी कांग्रेस
आज होगी बैठक, जिला अध्यक्षों को दिया जाएगा भीड़ जुटाने के लक्ष्य
भोपाल। दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के घटक दलों द्वारा एक नवंबर को प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की विशेष उपस्थिति में एक अहम जूम मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को दिल्ली में भारी भीड़ जुटाने का सीधा लक्ष्य सौंपा जाएगा।
आगामी एक नवंबर के दिल्ली प्रदर्शन से पहले 23 अक्टूबर से देशव्यापी जनजागरण अभियान का आगाज किया जाएगा। इस संबंध में राष्ट्रीय राजधानी में पहले ही उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है। इस अभियान के तहत कांग्रेस नेता और पदाधिकारी गांवों, बस्तियों और मोहल्लों तक पहुंचकर आम नागरिकों को एसआईआर विवाद से जुड़े मुद्दों से अवगत कराएंगे। कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए पार्टी ने विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो मध्य प्रदेश के विभिन्न क्लस्टर का दौरा कर पूरी कार्ययोजना की निगरानी करेंगे। सोमवार को होने वाली वर्चुअल बैठक में इसी पूरी रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अलावा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पोस्टर, हैंडबिल और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें नागरिक समूहों व जन संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलों पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, एक नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाले इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं को ले जाने की योजना है। इसके लिए पार्टी संगठन ने रणनीति बनाई है कि दिल्ली की भौगोलिक सीमा के नजदीक स्थित जिलों, जैसे ग्वालियर, भिंड और मुरैना से सबसे ज्यादा संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं को बसों व अन्य माध्यमों से दिल्ली कूच कराया जाए। वहीं, दूरदराज के अन्य जिलों से भी कार्यकर्ताओं का कोटा तय किया गया है।
 खेत बचाओ अभियान, औपचारिकता न बने, परिणाम दिखे
कृषि मंत्रियों संग बैठक में केंद्रीय मंत्री के निर्देश, 22 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान
भोपाल।  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि आगामी खेत बचाओ अभियान केवल एक कागजी औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे पूरी गंभीरता, प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाना चाहिए। अभियान के सुचारु संचालन, निरंतर निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए उन्होंने राज्य तथा जिला स्तर पर तत्काल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश जारी किए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र सहित 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए चौहान ने सभी राज्यों से सक्रिय भागीदारी, प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी स्थानीय आवश्यकताओं और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार अभियान की गतिविधियों की तिथियां निर्धारित कर सकते हैं, लेकिन इसकी शुरुआत और तैयारियां समय पर व प्रभावी ढंग से होनी चाहिए। चौहान ने जिला कलेक्टरों को भी क्रियान्वयन की कमान संभालने का आह्वान किया।
सोशल और डिजिटल मीडिया से जुड़ेंगे किसान
केंद्रीय मंत्री ने अभियान की व्यापक पहुंच पर बल देते हुए कहा कि जो किसान प्रत्यक्ष रूप से चौपालों व कार्यक्रमों में शामिल न हो सकें, उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर किसान तक अभियान की जानकारी और कृषि सुधार के उपाय पहुँचने चाहिए।
मिट्टी के स्वास्थ्य से लेकर फसल विविधीकरण पर जोर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना और किसानों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत  फसल अवशेष प्रबंधन (पराली नियंत्रण), एकीकृत कीट प्रबंधन, उर्वरकों का संतुलित उपयोग और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार,  प्राकृतिक खेती, ग्रीन अमोनिया, पुनर्याेजी कृषि पद्धतियों और कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन और जल संरक्षण, तिलहन-दलहन का उत्पादन, फसल विविधीकरण तथा धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों का प्रभावी उपयोग पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।   कारसेवक संतोष दुबे ने किया दिग्विजय सिंह की पदयात्रा का समर्थन
भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा आगामी 20 अक्टूबर से आरंभ की जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख कारसेवक संतोष दुबे ने बड़ा समर्थन दिया है। इस राजनीतिक और धार्मिक घटनाक्रम ने प्रदेश के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है।
संतोष दुबे नेएक वीडियो संदेश जारी कर राम जन्मभूमि में चढ़ावे की कथित चोरी का गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग इस संवेदनशील मामले में अब तक असल आरोपियों को पकड़ने में नाकामयाब रहे हैं। दुबे ने ऐलान किया है कि वे स्वयं इस पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। अपने संदेश में दुबे ने प्रदेश के संतों, संन्यासियों, वैरागियों और आम गृहस्थ नागरिकों से अपील की है कि वे इस यात्रा में शामिल हों और जगह-जगह इसका स्वागत करें। उन्होंने इस पहल को भगवान राम के आदर्शों के अनुकूल बताते हुए कहा कि मंदिर की मर्यादा और चढ़ावे की चोरी करने वाले तत्वों को सख्त दंड मिलना चाहिए। दुबे ने इसे आसुरी शक्तियों के खिलाफ एक नया शंखनाद करार देते हुए अपनी बात जय सियाराम् के उद्घोष के साथ समाप्त की।
प्रदेश में शुरू होगी मोरों के संरक्षण की नई परियोजना
मुख्यमंत्री बोले आगर में आलू प्रसंस्करण यूनिट से 35 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ
भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई बड़ी घोषणाएँ की हैं। उन्होंने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण और पुनर्वास के लिए जल्द ही एक विशेष नई परियोजना शुरू की जाएगी। इसके साथ ही प्रसिद्ध गीतकार कवि प्रदीप की स्मृति को संजोने के लिए बड़नगर में भव्य कवि प्रदीप सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री बड़नगर में आयोजित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके बाद रिमोट का बटन दबाकर क्षेत्र को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़नगर में एक आधुनिक फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण की नई यूनिट शुरू की जा रही है, जो प्रदेश के 35 जिलों के किसानों से सीधे आलू की खरीदी करेगी। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए भाट पचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे तथा बड़नगर में गीता भवन का निर्माण कराया जाएगा।
सिंहस्थ की चल रही भव्य तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ की भव्य तैयारी के लिए 25 हजार करोड़ रुपए  के विभिन्न विकास कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुगम यातायात के लिए मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना पुनः प्रारंभ की गई है। साथ ही दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
लाल सलाम को आखिरी सलाम कहने वाला राज्य बना प्रदेश 
प्रदेश सरकार ने एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीतों को पुनर्स्थापित कर राज्य को नई पहचान दिलाई है। सड़क दुर्घटना में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने वाले ‘राहवीरों’ को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। गंभीर स्थिति में जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस एवं हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो चुका है और प्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला राज्य बन गया है।
विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमि-पूजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कई महत्वपूर्ण ढांचागत और स्वास्थ्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया गया।  ग्राम पंचायत गजनीखेड़ी स्थित मां चामुंडा मंदिर परिसर में 16 कमरों की धर्मशाला, सामुदायिक भवन, टीन शेड, पेयजल व्यवस्था हेतु पानी की टंकी, 3 किमी वाटर रिटेंशन कार्य, सी.सी. रोड तथा बाउण्ड्रीवाल का निर्माण शामिल है। उप स्वास्थ्य केंद्र भीडावद, मौलाना, बीराखेड़ी, दुनातला, पलदुना, बड़िया के भवनों एवं सिविल अस्पताल बड़नगर के उन्नयन कार्यों की सौगात दी गई।


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