एमपी में जनगणना 2027 की तैयारी: जनवरी से मार्च तक तबादलों पर रोक की तैयारी, ओबीसी की अलग से गणना नहीं होगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 29 Oct 2026 08:03 PM IST

मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जनवरी से मार्च तक तबादले यथासंभव नहीं होंगे और प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव नहीं किया जाएगा। जनगणना में एससी-एसटी के साथ अन्य वर्ग का विकल्प रहेगा, ओबीसी की अलग से गणना नहीं होगी।

MP Census 2027: Transfers Likely on Hold from Jan to March; No Separate OBC Census

सीएस अशोक वर्णवाल बैठक लेते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना का काम प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य सरकार जनवरी से मार्च 2027 के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले यथासंभव नहीं करने की तैयारी कर रही है। इस अवधि में प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव भी नहीं किए जाएंगे। ऐसे में नए नगरीय निकाय, पंचायत, तहसील या परिषद के गठन और सीमा विस्तार जैसे फैसलों पर भी रोक रहने की संभावना है। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने गुरुवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार काम करने के निर्देश दिए। बैठक में जनगणना महानिदेशक संजीव श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहें। जनगणना में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के साथ ही अन्य का विकल्प रहेगा। यानी ओबीसी की अलग से गणना नहीं होगी। ओबसी को अन्य में ही गिना जाएगा। 
जनवरी-फरवरी में होगी जनसंख्या की गणना
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जनवरी-फरवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग को इसी समय-सारणी को ध्यान में रखकर वर्ष 2027 की परीक्षाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सभी विभागों को जनगणना के लिए जरूरी मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनगणना का काम पूरा होने तक प्रशासनिक सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाए। साथ ही जनवरी से मार्च 2027 के दौरान यथासंभव तबादले नहीं करने की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि प्रशिक्षित कर्मचारियों और अधिकारियों की उपलब्धता बनी रह                                                                                                                                                       पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना
जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े जुटाए जाएंगे, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी वेब पोर्टल से की जाएगी। इस बार नागरिकों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी। इसके तहत लोग अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिकों को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को iGOT प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण देने, कॉलेजों में विद्यार्थियों को स्व-गणन
दो लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक होंगे तैनात
जनगणना के व्यापक काम के लिए प्रदेश में करीब दो लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जरूरत होगी। इनके अलावा अन्य प्रशासनिक अमले की व्यवस्था भी सरकारी विभागों के माध्यम से की जाएगी। जिलों से आने वाले मास्टर ट्रेनर्स को 12 और 13 नवंबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नवंबर के तीसरे सप्ताह में कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण एवं सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रैलियों, झांकियों, लोक कलाकारों, कलापथक दलों, सिनेमा हॉल, रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी विभागों को अपने यहां एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी कहा गया है।

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