चोरी हुए 1.24 लाख मोबाइल ब्लॉक, साइबर ठगी से बचाए 660 करोड़

भोपाल। मध्यप्रदेश में मोबाइल चोरी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार का ’संचार साथी’ पोर्टल और सीईआईआर सिस्टम एक अचूक हथियार साबित हो रहा है। दूरसंचार विभाग (डीओटी) मध्यप्रदेश परिमंडल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में तकनीक के बेहतर समन्वय से न केवल हजारों फोन बरामद किए गए, बल्कि करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को भी समय रहते रोका गया।
दूरसंचार विभाग (डीओटी-एमएलएसए) के प्रयासों से राज्य में मोबाइल चोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश में सीईआईआर पोर्टल पर कुल 1,59,994 मोबाइल ब्लॉकिंग के आवेदन मिले। इनमें से 1,24,362 हैंडसेट को सफलतापूर्वक ब्लॉक कर दिया गया, जिससे वे अपराधियों के लिए बेकार हो गए। साथ ही, 96,836 मामलों में फोन की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें बरामदगी की श्रेणी में लाया गया है। साइबर अपराधों के विरुद्ध विभाग ने ’फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर’ (एफआईआर) के माध्यम से बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय स्तर पर मात्र छह महीनों के भीतर 660 करोड़ रुपए की संभावित चपत को बचाया गया है। मध्यप्रदेश में डिजिटल लेन-देन को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए क्षेत्रीय बैंकों को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) से जोड़ा जा रहा है, ताकि संदिग्ध लेन-देन पर रीयल-टाइम निगरानी रखी जा सके।
सुपर ऐप बना संचार साथी
अब आम नागरिक एंड्रॉइड और आईओएस ऐप के जरिए भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। पोर्टल पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाओं में उपभोक्ता देख सकते हैं कि उनकी आईडी पर कितने सिम सक्रिय हैं,  अनधिकृत या संदिग्ध नंबरों को तुरंत बंद करने की सुविधा और  बैंक और सरकारी संस्थानों के असली टोल-फ्री नंबर और वेबसाइट की पहचान।

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