तीन घंटे तक चला पोस्टमार्टम, दिल्ली से आई टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आज रविवार को एक बड़ा मोड़ आया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद दिल्ली एम्स की विशेष फॉरेंसिक टीम ने भोपाल पहुंचकर न केवल मृतका का दूसरा पोस्टमार्टम किया, बल्कि मामले की तह तक जाने के लिए सीधे घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पुलिस के आला अधिकारी भी टीम के साथ मुस्तैद रहे।
भोपाल एम्स में ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करीब तीन घंटे तक चला। पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के तहत बनाए रखने के लिए इसकी मुकम्मल वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम संपन्न होने के बाद दिल्ली एम्स की टीम वापस रवाना हो गई। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच से जुड़े जरूरी सैंपल और विसरा को भोपाल एम्स में ही सुरक्षित रखवा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड इस पूरे मामले की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीधे अदालत या संबंधित अथॉरिटी को सौंपेगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कड़ियों को जोड़ने घटनास्थल पहुंची टीम
अस्पताल में फॉरेंसिक प्रक्रिया पूरी करने के तुरंत बाद दिल्ली एम्स की टीम पुलिस बल के साथ सीधे गिरिबाला सिंह के उस घर पहुंची, जहां ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। टीम ने घर के अंदर के कमरों, एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और आसपास के पूरे परिसर का बारीकी से मुआयना किया। माना जा रहा है कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और शरीर पर आए निशानों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलान कर मौत की असली वजह का पता लगाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बीते 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या करार दे रहा है, जबकि मायके पक्ष का आरोप है कि ट्विशा की हत्या की गई है। न्याय की गुहार लगाते हुए परिवार ने हाईकोर्ट की शरण ली थी, जिसके बाद अदालत ने निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया।
गमगीन माहौल में भदभदा घाट पर अंतिम संस्कार
दूसरी तरफ, कानूनी और फॉरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ट्विशा का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए भोपाल एम्स से सीधे भदभदा विश्राम घाट ले जाया गया। अंतिम यात्रा की तैयारियों के दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। अर्थी सजने से पहले ट्विशा की मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आखिरकार, भारी मन और गमगीन माहौल के बीच शाम 5 बजे भदभदा श्मशान घाट पर ट्विशा का अंतिम संस्कार कर उसे मुखाग्नि दी गई। परिजनों को अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत से न्याय की आस है।