UP: राम मंदिर दान प्रकरण में नया मोड़, एक और महंत की एंट्री, बोले- मन में संदेह पैदा हो रहा; मिले ये संकेत

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 11 Jun 2026 03:16 PM IST

राम मंदिर में दान राशि की कथित हेराफेरी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग तेज हुई है। कई संतों और जनप्रतिनिधियों ने सच्चाई सामने लाने पर जोर दिया है। श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता को आवश्यक बताया गया।

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि की हेराफेरी का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गया है। भाजपा नेता रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में एक शिकायती पत्र भेजा था। इस प्रकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र सोमवार को अचानक अयोध्या पहुंचे थो, उन्होंने बंद कमरे में एक बैठक की, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

वहीं, अब एक और महंत की एंट्री हो गई। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर महंत कमल नयन दास ने कहा कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जांच करने वालों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है।

आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की 

सूत्रों के अनुसार, मिश्र ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के साथ भी विस्तृत बात की। यह बैठक पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। इसकी कार्यसूची को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। बैठक के बाद वह मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

राम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद और उसके तुरंत बाद नृपेंद्र मिश्र के इस दौरे को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा है कि मंदिर की व्यवस्थाओं और हालिया घटनाक्रम पर तैयार होने वाली रिपोर्ट अब शीर्ष स्तर तक पहुंच सकती है।

प्रशासन से जुड़े किसी भी आरोप की पारदर्शी जांच आवश्यक

उधर, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए दान, चढ़ावे और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी आरोप की पारदर्शी जांच आवश्यक है।

डॉ. सिंह ने पत्र में लिखा है कि यदि आरोप गलत हैं तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 
उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है और उस विश्वास को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता जरूरी है। ऐसे में मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रश्न भी केंद्र में आ गए हैं।

UP: New twist in the Ram Mandir donation row; another Mahant steps in, expressing doubts—signs of a shift.

राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

महंत कमल नयन दास बोले- निष्पक्ष जांच जरूरी

महंत कमल नयन दास ने कहा कि आज हर कोई एक-दूसरे पर आरोप लगा रहा है। जो लोग जांच कर रहे हैं, उनकी ईमानदारी पर भी प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में निष्पक्ष जांच बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि अंततः भगवान सब देख रहे हैं और न्याय भी वही करेंगे।

बालयोगी बोले- चढ़ावा चोरी के आरोपों की हो निष्पक्ष जांच

सरयू तट स्थित करतलिया आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने भी राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं की खबरें बेहद निंदनीय और चिंताजनक हैं।

स्थानीय अखबारों और सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए। अगर आरोप झूठे हैं, तो भी स्थिति साफ करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं के मन में जो भ्रम पैदा हुआ है, वह दूर हो सके।


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