तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में फूट की चर्चाओं के बीच पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वह ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि ममता बनर्जी और पार्टी का साथ देना उनका कर्तव्य है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने क्या कहा?
शत्रुघ्न सिन्हा ने सबसे पहले आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार और समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि वह ममता बनर्जी के बुलावे और उनके निर्देश पर ही आसनसोल आए थे। उन्होंने वहां पहली बार उपचुनाव में रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद दूसरी बार भी वह बड़े अंतर से चुनाव जीते। सिन्हा ने कहा कि वह बंगाल के सभी लोगों के लिए काम करते हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों।अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सिन्हा ने कहा कि 2019 में पटना से चुनाव हारने के बाद वह कठिन समय से गुजर रहे थे। उस वक्त बहुत कम लोग उनके साथ खड़े थे। ममता बनर्जी उन गिने-चुने लोगों में से थीं जिन्होंने उन्हें सहारा दिया। ममता बनर्जी चाहती थीं कि वह बिना किसी ब्रेक के संसद में बने रहें। उन्हीं के कहने पर उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। पीएम मोदी की तारीफ में क्या बोले बिहारी बाबू?
पीटीआई पर बयान के इस घटनाक्रम से कुछ ही समय पहले ही बिहारी बाबू उपनाम से मशहूर रहे सिन्हा ने एक्स हैंडल पर एक दिलचस्प सोशल मीडिया पोस्ट भी किया। उन्होंने इस पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीरें साझा कीं। सिन्हा ने पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने की बधाई देते हुए लिखा, 'सच्ची खेल भावना के साथ, समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रहे हमारे मित्र और माननीय प्रधानमंत्री को 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह संभवतः अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। आपके उज्ज्वल, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करता हूं। जय हिंद!'
अफवाहों पर क्या बोले शत्रुघ्न सिन्हा?
पिछले कुछ दिनों से सिन्हा को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि वह बागी गुट में शामिल हो गए हैं। इस पर सिन्हा ने कहा कि वह स्वभाव से बेबाक हैं और हमेशा सच बोलते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं बागी हूं।' लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ममता बनर्जी को इस मुश्किल घड़ी में नहीं छोड़ सकते।
सिन्हा ने कहा, वह दो बार टीएमसी के चुनाव चिन्ह जोड़ा फूल पर जीतकर आए हैं। इसलिए ममता जी और पार्टी के साथ खड़ा होना उनकी जिम्मेदारी है। उनका सिद्धांत बहुत साफ है कि जब ममता जी ने उनके बुरे वक्त में साथ दिया, तो अब उनका फर्ज है कि वह इस समय उनके साथ खड़े रहें। वह अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं और उन्हें निभाते रहेंगे।
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दरअसल, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस की अंतर्कलह लगातार चर्चा में है। टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। बंगाल में चुने गए विधायकों में 58 ऋतब्रत बनर्जी को कथित तौर पर अपना नेता मान चुके हैं। ऐसे में ममता बनर्जी का दल दो फाड़ होने की आशंका से जूझ रहा है। कई सांसद मुखर होकर बागी तेवर अपना चुके हैं। ऐसे में शत्रुघ्न सिन्हा का बयान बेहद रोचक है और सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे पाला बदलने वाले हैं? फिलहाल, इसका जवाब भविष्य के गर्भ में छिपा है।