कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इन चर्चाओं को पूरी तरह अफवाह और निराधार बताया है। वेणुगोपाल ने कहा, 'ये पूरी तरह से अफवाहें हैं। कल हमारे संचार सचिव ने भी इस पर स्थिति साफ कर दी थी। ये बातें बिल्कुल आधारहीन हैं। यह सच है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। लेकिन यह सिर्फ एक सामान्य शिष्टाचार और नियमित चर्चा थी।'
वेणुगोपाल ने आगे कहा, 'यह बैठक सिर्फ इंडिया गठबंधन की चर्चा का एक विस्तार मात्र थी क्योंकि आज हर कोई इंडिया गठबंधन को मजबूत करना चाहता है। इस जनविरोधी और अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई को हर कोई धार देना चाहता है।' उन्होंने साफ लहजे में कहा, 'हम इस रास्ते पर साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। हमारी बातचीत का एकमात्र बिंदु यही था, इसके अलावा और कुछ नहीं।'
क्यों तेज हुईं विलय की अटकलें?
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में दोबारा विलय की अटकलों को तब बल मिला, जब तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से अकेले में मुलाकात की। इसके ठीक अगले दिन बुधवार को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से वन-टू-वन मुलाकात की थी। इन बैक-टू-बैक मुलाकातों के बाद सियासी गलियारों में कयासबाजी तेज हो गई थी।
हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के नए लेकिन बहुसंख्यक गुट के नेता और सदन में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने भी कांग्रेस और तृणमूल के विलय की किसी भी संभावना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।
कांग्रेस का 3 महीने का राष्ट्रव्यापी आंदोलन
इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने आने वाले तीन महीनों के लिए एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के अभियान की घोषणा की। इस अभियान के तहत पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा। कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और खाड़ी संघर्ष के मद्देनजर कमजोर कूटनीति के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। वेणुगोपाल ने कहा कि हम अगले तीन महीनों के लिए राष्ट्रीय स्तर का अभियान शुरू कर रहे हैं। कांग्रेस के हर नेता और कार्यकर्ता को मैदान में और सड़कों पर होना चाहिए।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर सफाई
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर भी वेणुगोपाल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि नामांकन रद्द होने का कारण सिर्फ यह था कि वह कोर्ट की ओर से भेजे गए एक नोटिस का खुलासा नहीं कर पाईं थीं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं था और न ही आज है। उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है, कोई चार्जशीट नहीं है और न ही कोई आरोप तय हुए हैं। सिर्फ इस एक कारण का हवाला देकर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया।