फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए हालिया समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त होगा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से पूरी तरह खुलेगा और ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि यह जी7 बैठक बेहद सफल रही और ऐसे समय में हुई जब दुनिया को शांति और स्थिरता की जरूरत थी। उन्होंने दावा किया कि रविवार को ईरान के साथ हुआ समझौता अमेरिका के सभी प्रमुख उद्देश्यों को पूरा करता है और उससे भी आगे जाता है।
'ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता'
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि ईरान न तो परमाणु हथियार विकसित कर सकता है, न खरीद सकता है और न ही उसे अपने पास रख सकता है। उनके अनुसार, पूरे समझौते का मुख्य उद्देश्य यही था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए और क्षेत्र में शांति स्थापित की जाए। 'बमबारी जारी रहती तो हालात और बिगड़ते'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि अमेरिका समझौता करने के बजाय दो, तीन या चार सप्ताह और बमबारी जारी रखता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य कभी नहीं खुलता और किसी तरह की सफलता नहीं मिलती। ट्रंप के अनुसार, लंबे सैन्य अभियान से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ता।
बाजारों पर पड़ा सकारात्मक असर
ट्रंप ने दावा किया कि शांति की संभावना सामने आते ही वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि जब भी शांति की बात हुई, बाजार 'रॉकेट की तरह ऊपर गया' और कभी नीचे नहीं आया। उन्होंने कहा कि अगर संघर्ष जारी रहता तो बाजारों में भारी गिरावट आ सकती थी और हालात 1929 की महामंदी जैसे हो सकते थे। ट्रंप ने कहा, 'मैं आर्थिक तबाही नहीं देखना चाहता था। अगर यह स्थिति जारी रहती तो ऐसा हो सकता था'।
पीएम मोदी से हुई लंबी बातचीत
ट्रंप ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने जी7 देशों के नेताओं और कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों तथा प्रधानमंत्रियों से इस समझौते पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी मोदी के साथ लंबी बातचीत हुई। ट्रंप ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी यहां थे। हमारी लंबी चर्चा हुई। वह एक महान व्यक्ति हैं'। उन्होंने दावा किया कि जी7 देशों समेत अधिकांश विश्व नेताओं ने इस समझौते का स्वागत किया है और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण कदम माना है।
मैक्रों की भी सराहना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों ने इस समझौते का समर्थन किया और संघर्ष समाप्त करने की कोशिशों में सहयोग दिया। ट्रंप के अनुसार, जी7 के नेताओं की सामूहिक राय थी कि युद्ध खत्म होना चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जाना चाहिए ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने अपने वादे का पालन नहीं किया तो अमेरिका "फिर से बमबारी" करने के लिए तैयार रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता शांति और समझौता है।
सुलेमानी हमले का फिर किया जिक्र
ट्रंप ने ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के अमेरिकी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने स्वयं लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय इसे पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक माना गया था। ट्रंप ने दावा किया कि यह अभियान अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई जैसा था।
इस्राइल की तारीफ, लेकिन लेबनान पर सलाह
ट्रंप ने इस्राइल को अमेरिका का मजबूत साझेदार बताया, लेकिन साथ ही कहा कि लेबनान में कार्रवाई के दौरान उसे कुछ मामलों में 'नरम रुख' अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरूत में इमारतों को नुकसान पहुंचाने के बजाय अधिक संतुलित तरीका अपनाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि लेबनान कभी एक समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से मजबूत देश था, लेकिन पिछले कई दशकों से संघर्ष और अस्थिरता का सामना कर रहा है।
अमेरिकी सैन्य ताकत और परमाणु निरस्त्रीकरण की बात
ट्रंप ने अमेरिकी सेना और यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस फोर्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य क्षमता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हथियारों और तकनीक की वजह से हालिया सैन्य अभियान सफल रहे। हालांकि उन्होंने परमाणु हथियारों की वैश्विक दौड़ पर चिंता भी जताई। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों को मिलकर परमाणु हथियारों में कमी लाने के लिए एक बड़ा समझौता करना चाहिए। उनका कहना था कि दुनिया को कई बार नष्ट करने की क्षमता रखने वाले हथियारों की आवश्यकता नहीं है।
गाजा, हमास और पश्चिम एशिया शांति पर बयान
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता पश्चिम एशिया में व्यापक शांति प्रक्रिया की शुरुआत बन सकता है। उन्होंने दावा किया कि गाजा में हालात पहले की तुलना में शांत हुए हैं और हमास को निरस्त्र करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान से जुड़े मुद्दे अभी बाकी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विषय ईरान के साथ समझौता है, जो पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी की चर्चा
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने हाल ही में व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमिर जेलेंस्की से बातचीत की है। उनके अनुसार दोनों पक्ष युद्ध समाप्त करने की इच्छा रखते हैं, लेकिन समाधान का रास्ता अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि युद्ध में दोनों देशों को भारी नुकसान हो रहा है और रूस को अधिक सैनिक हानि उठानी पड़ रही है क्योंकि वह आक्रामक पक्ष है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि भविष्य में शांति वार्ता आगे बढ़ सकती है।