
37 जिलों में वज्रपात और आंधी की चेतावनी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश से मानसून अब भी दूर है। इस बीच प्री मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। शनिवार को भोपाल और उज्जैन में झमाझम बरसात हुई। मौसम विभाग ने भोपाल में 33 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है। वहीं उज्जैन में यह 59 मिलीमीटर दर्ज हुआ है।
बरसात की वजह से भोपाल का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम है। इसके उलट जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई वहां तापमान बढ़ गया है। छिंदवाड़ा का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 7.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 37 जिलों में झंझावात व वज्रपात की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के दौरान प्री मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और उससे पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ तथा दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक बनी ट्रफ रेखा का असर प्रदेश पर पड़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी और रीवा संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने के आसार हैं। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी सहित मध्य भागों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
पश्चिमी जिलों इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में भी कहीं-कहीं बारिश और तेज बौछारों की संभावना बनी हुई है। हालांकि इन क्षेत्रों में वर्षा का वितरण पूर्वी जिलों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रह सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सक्रिय ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमकने तथा 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अभी भी महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार तक केंद्रित है। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अगर यह आगे बढ़ा तो 25-26 जून के आसपास यह प्रदेश में दस्तक देगा।