राम मंदिर चढ़ावा विवाद: छह दिन जांच के बाद SIT लखनऊ रवाना, सीएम को सौंपेगी रिपोर्ट! जल्द खुलेंगे बंद राज

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sat, 20 Jun 2026 08:04 PM IST

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच करने पहुंची SIT छह दिन जांच के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गई। टीम सीएम को रिपोर्ट सौंप सकती है। जल्द ही बंद राज खुल सकते हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

Ram Mandir offering controversy SIT leaves for Lucknow after six-day investigation
 
राम मंदिर में दान की राशि का गबन। - फोटो : अमर उजाल

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अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा विवाद की छह दिन जांच करने के बाद एसआईटी लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी सोमवार को मुख्यमंत्री को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है।

टीम ने रवाना से पहले संदेह के घेरे में आए लोगों से पूछताछ की। राम मंदिर से लेकर तीनों बैंकों के कर्मचारियों से गणना कर्मियों से पूछताछ की। इन सबको मिलाकर कड़ी जोड़ी गई। कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है। कई लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। 
महंत शशिकांत ने राम जन्मभूमि कार्यालय पर रखा अपना पक्ष
राम मंदिर दानपात्र और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच राम कचहरी चारों धाम मंदिर के महंत एवं सरयू नित्य आरती के अध्यक्ष शशिकांत दास ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों से स्वयं को पूरी तरह अलग बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कैंप कार्यालय के संचालन के लिए अपना भवन निःशुल्क उपलब्ध कराया था।
महंत शशिकांत दास ने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज झा, ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों के अनुरोध पर उन्होंने राम कचहरी चारों धाम मंदिर परिसर स्थित अपना नवनिर्मित भवन ट्रस्ट को दिया था। इसके बदले उन्होंने कभी कोई किराया या शुल्क नहीं लिया। उन्होंने कहा कि कैंप कार्यालय बाद में रामनिवास स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद ट्रस्ट ने परिसर का उपयोग बंद कर दिया। महंत ने स्पष्ट किया कि वह न तो दीनानाथ वर्मा को जानते हैं और न ही उनसे कभी मुलाकात हुई है। निर्माण कार्यों अथवा कथित कमीशनखोरी के आरोपों की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।                                                                      सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने लगाए थे गंभीर आरोप
श्रीराम मंदिर से जुड़े विवादों की चर्चाओं के बीच अब एक और नया आरोप सामने आया है। राम मंदिर निर्माण कार्यों की निगरानी से जुड़े रहे सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे पहले टिन्नू यादव भी ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी पर सवाल उठा चुके हैं।
दीनानाथ वर्मा ने दावा किया कि राम मंदिर परिसर से जुड़े कार्यालय निर्माण के दौरान एल्युमिनियम कार्यों के एक ठेकेदार से कथित रूप से 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि इसी उद्देश्य से कार्य का बिल भी 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर तैयार कराया गया। 

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