इमेज स्त, Majid Saeedi/Getty Images इमेज कैप्न समझौते के चार दिन बाद ही ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने का एलान किया है (फ़ाइल फ़ोटो युद्ध की देख-रेख करने वाले ईरान के ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने घोषणा की है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को जहाज़ों के लिए 'बंद' किया जा रहा है. हालांकि अमेरिका ने ईरान के दावों का खंडन किया है ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट सभी जहाज़ों के लिए बंद कर दिया गया है. नौसेना ने इसका कारण अमेरिका और इसराइल पर युद्धविराम के उल्लंघन के आरोपों को बताया है.
दूसरी तरफ़ 21 जून को स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होने जा रही है.
इसकी पुष्टि मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान, ईरान के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने की है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने शनिवार को अपनी घोषणा के पीछे अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का कारण बताया है.
इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में इसराइल की ओर से 'लगातार युद्धविराम का उल्लंघन' और लेबनान के 'लोगों का क्रूर जनसंहार और विस्थापन' को भी इस घोषणा का कारण बताया गया है.
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते में युद्ध समाप्त करने के लिए 14 बिंदुओं की रूपरेखा तय की गई थी.
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति इसी मार्ग से होकर गुज़रती
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इमेज कैप्शन, आईआरजीसी ने जहाज़ों को स्ट्रेट के पास न आने के चेतावनी दी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
आईआरजीसी ने सभी जहाज़ों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट के क़रीब न आएं, वरना आपकी सुरक्षा ख़तरे में पड़ जाएगी."
खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने दक्षिणी लेबनान से इसराइली सैनिकों की 'वापसी कराने में असफलता' का भी ज़िक्र किया है.
मुख्यालय ने अपनी इस कार्रवाई को 'दुश्मन की ओर से किए गए वादे के उल्लंघन का जवाब देने की दिशा में पहला क़दम' बताया है.
बीते दिनों ईरान और अमेरिका के बीच एक 'मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग' पर डिजिटल हस्ताक्षर हुए.
14 बिंदुओं के इस एमओयू में होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्धविराम और परमाणु कार्यक्रमों पर आगे की बातचीत जैसे कई बातें शामिल थीं.
ईरान-अमेरिका समझौते के पहले पैराग्राफ़ में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी लेबनान सहित 'सभी मोर्चों' पर सैन्य अभियानों की 'तत्काल और स्थायी तौर पर' रोकेंगे.
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अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ़ॉक्स न्यूज़ से कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह खुला हुआ है.
वेंस ने कहा, "हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि ईरानियों ने अब भी होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर रखा है."
उन्होंने कहा, "कल ही होर्मुज़ स्ट्रेट से 1 करोड़ 60 लाख बैरल तेल की आवाजाही हुई है. इसलिए आप देख सकते हैं कि जहाज़ लगातार गुजर रहे हैं."
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा, "20 जून को होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज़ों की आवाजाही बढ़ी है, जबकि समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता को समर्थन देने के लिए अमेरिकी बल पूरे क्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं."
बयान के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही आज भी बरक़रार रही और 55 व्यापारी जहाज़ यहां से गुज़रे, जिन्होंने बड़ी मात्रा में माल और 1 करोड़ 70 लाख से ज़्यादा बैरल तेल वैश्विक बाज़ारों तक पहुंचा है."
सेंटकॉम ने कहा, "जॉइंट मैरीटाइम इन्फ़ॉर्मेशन सेंटर ने इस सप्ताह एक सलाह जारी कर सभी जहाज़ों के लिए एक तय मार्ग पर सुरक्षित आवाजाही की पुष्टि की, जो किसी भी मनमानी शर्त या रुकावट से मुक्त है."
"अमेरिकी बल अब भी क्षेत्र में मौजूद हैं और पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रहे हैं, ताकि ईरान के साथ हुए समझौते के सभी प्रावधानों का पालन किया जाए, उनका पूरी तरह अनुपालन हो और वे पूरी तरह प्रभावी बने रहें."
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से मुलाक़ात की
इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 21 जून को स्विट्ज़रलैंड में बातचीत होगी, जिसमें अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
ईरान और अमेरिका ने दोनों इस बात की पुष्टि की है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने कहा कि स्विट्ज़रलैंड में होने वाली बातचीत में ईरान की मौजूदगी का मक़सद 'दूसरे पक्ष से अपने वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की मांग करना' होगा.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान और क़तर के मध्यस्थ भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे. ईरानी सेना की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट बंद किए जाने की घोषणा के बाद जारी इस बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया को मध्यस्थ के तौर पर आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहा है.
बयान में कहा गया है कि इस बातचीत का मक़सद 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन में बनी सहमतियों को आगे बढ़ाना है.
उधर, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़, ईरान के साथ प्रस्तावित बातचीत से पहले ही स्विट्ज़रलैंड पहुंच चुके हैं.
वेंस ने कहा कि दोनों "इस बातचीत से जुड़े कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम कर रहे हैं."
वेंस ने वह भी स्विट्ज़लैंड जा सकते हैं.
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब इसी सप्ताह स्विट्ज़रलैंड में होने वाली वह बातचीत टाल दी गई थी, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शामिल होने की उम्मीद थी. व्हाइट हाउस ने उस समय इसके पीछे लॉजिस्टिक्स की समस्याओं का हवाला दिया था.
व्हाइट हाउस के बयान जारी करने से कुछ घंटे पहले हिज़्बुल्लाह से जुड़े लेबनानी मीडिया ने ख़बर दी थी कि लेबनान में इसराइली हवाई हमलों की वजह से यह बातचीत स्थगित कर दी गई है.
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इमेज कैप्शन, शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमले के बाद उठता धुआं
ताज़ा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ख़बरें हैं कि दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है.
यह घटनाक्रम इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच नए युद्धविराम की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय बाद हुआ है.
अमेरिका के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि इसराइल और हिज़्बुल्लाह युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.
यह सहमति इस आशंका के बाद बनी कि लगातार जारी झड़पें अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के समझौते को कमज़ोर कर सकती हैं.
इसराइली सेना ने पुष्टि की थी कि युद्धविराम लागू है, लेकिन बाद में एक प्रवक्ता ने कहा कि उसकी सेनाएं "तत्काल ख़तरों को ख़त्म करने की कार्रवाई जारी रखेंगी."
हिज़्बुल्लाह के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि वह शुक्रवार दोपहर अमेरिकी अधिकारियों की ओर से घोषित युद्धविराम को मान्यता नहीं देता और लेबनान के भीतर स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने के इसराइली मक़सद को ख़ारिज करता है.
शनिवार को इससे पहले स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि लेबनान के नबातियेह ज़िले में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि पड़ोसी सैदा क्षेत्र में सात लोगों के मारे जाने की सूचना है.
इसराइली सेना ने कहा कि उसने हिज़्बुल्लाह के 'दर्जनों' ठिकानों को निशाना बनाया, क्योंकि ग्रुप ने क्षेत्र में तैनात इसराइली बलों पर 50 से ज़्यादा प्रोजेक्टाइल दागे थे.
इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) और हिज़्बुल्लाह ने शनिवार को एक-दूसरे पर बार-बार युद्धविराम उल्लंघन के आरोप लगाए हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.