देश के विभाजन के खिलाफ मुखर्जी ने उठाई थी मजबूत आवाज

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तिराहा पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा कार्यालय के सामने स्थित मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के प्रति समर्पित प्रखर विचारधारा और देश की अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी का दृढ़ संकल्प हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा। देश अनंतकाल तक उनका ऋणी रहेगा। एक देश में दो विधानश् की विसंगति को समाप्त करने का श्रेय मुखर्जी को जाता है।  विभाजन के दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश का विभाजन भारत के इतिहास की सबसे बड़ी भूल थी। जिस दिन देश आजाद हुआ, उसी दिन विभाजन की नींव भी रख दी गई थी, जिसमें करीब 40 हजार लोगों ने अपने प्राण गंवाए। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस विभाजन और षड्यंत्रों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई थी। भारत की अखंडता और एकता के लिए उन्होंने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। देश में एक देश में दो विधान जैसी विसंगति को समाप्त करने का श्रेय भी डॉ. मुखर्जी के संघर्ष को ही जाता है।
भाजपा में अर्श और फर्श का अंतर नहीं
भाजपा संगठन की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्टी में अर्श और फर्श का कोई अंतर नहीं है। यहाँ हर कार्यकर्ता को समान सम्मान दिया जाता है और सभी राष्ट्रहित व समाजहित के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास है। मध्यप्रदेश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर आगे बढ़ेगा और राष्ट्र की एकता, अखंडता व सामाजिक समरसता के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।
 


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