जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश’
भोपाल। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में जन परामर्श बैठकें शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो चुकी हैं। 22 जून को भोपाल में राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न आयोगों, विभागों, राजनीतिक दलों और धर्मगुरुओं से अलग-अलग बैठकें कर उनके मत लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यूसीसी पर जनता के सुझाव आमंत्रित करने के लिए समग्र पोर्टल के हितग्राहियों को लगभग 3.49 करोड़ एसएमएस भेजे गए थे। इसके जवाब में अब तक नागरिकों के 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। प्राप्त सुझावों में से 90 प्रतिशत से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में हैं। खास बात यह है कि अल्पसंख्यक समुदाय से भी इस कानून को बड़ी संख्या में समर्थन मिला है। फिलहाल समिति द्वारा विधि विभाग के साथ मिलकर विधेयक के प्रारूप (ड्राफ्ट) पर काम किया जा रहा है।
15 से 29 जुलाई तक मनेगा गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा
प्रदेश के सभी स्कूलों में 15 से 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों के विकास की कार्ययोजना तैयार होगी। स्कूल शिक्षा विभाग की दैनिक कार्ययोजना में भाषण, निबंध प्रतियोगिता, संस्कृत श्लोक प्रस्तुति, स्वास्थ्य जागरूकता, वृक्षारोपण और करियर मार्गदर्शन जैसे विषय शामिल रहेंगे। सांदीपनि विद्यालयों में एक दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव होगा, जहां छात्र विज्ञान प्रदर्शनी और नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे। इन आयोजनों में जनप्रतिनिधि, पालक और विषय विशेषज्ञ भी सहभागिता करेंगे।
पंचायत स्तर पर होंगे समापन समारोह
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 19 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान 25 से 30 जून के बीच समारोहपूर्वक समाप्त होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समापन कार्यक्रम गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएं। इस दौरान जनभागीदारी से हुए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण और प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए जाएं, साथ ही ग्रामीणों को जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेष के डिंडोरी, खंडवा और शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में शामिल हैं। खंडवा और इंदौर के नगरीय निकायों ने देश के टॉप-10 में जगह बनाई है।