08:49 PM, 28-Jul-2026
रिकॉर्ड से हटाया गया प्रियंका गांधी के बयान का हिस्सा, शिक्षा मंत्री पर की थी टिप्पणी
लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के उस बयान का एक हिस्सा रिकॉर्ड से हटा दिया है, जो उन्होंने मंगलवार को सदन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के खिलाफ दिया था। सचिवालय की ओर से बयान के संबंधित अंश को कार्यवाही से विलोपित (एक्सपंज) कर दिया गया है।
08:18 PM, 28-Jul-2026
अनुराग ठाकुर के बयान के बाद लोकसभा में सपा सांसदों का हंगामा
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। अनुराग ठाकुर के आरोपों के बाद सपा सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। उस समय पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेनेटी ने सपा सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की और भरोसा दिलाया कि उनके मुद्दे पर विचार किया जाएगा। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि सपा सदन के नियमों का उल्लंघन कर रही है।
हंगामे के बीच अनुराग ठाकुर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा न तो नियम बनाती है और न ही उनका पालन करती है। उन्होंने दावा किया कि आयोग को चार बार अपने फैसले बदलने पड़े और वर्ष 2012 की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जला दी गई थीं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समाजवादी पार्टी से आरटीआई के जरिए जवाब मांगा जा सकता है। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद अब वही लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने संबोधन में यूपीए सरकार के दौरान हुई कथित पेपर लीक की घटनाओं और अपने राजनीतिक संघर्ष का भी उल्लेख किया।
08:15 PM, 28-Jul-2026
पेपर लीक पर अनुराग ठाकुर ने सपा और कांग्रेस को भी घेरा
विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने उत्तर प्रदेश को "पेपर लीक स्टेट" बना दिया था। ठाकुर ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने देश का पहला एंटी-चीटिंग कानून बनाया और अब उसे और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन विधेयक लाई है।
अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में पेपर लीक की कई घटनाएं हुईं और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. अनिल यादव को लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाकर अयोग्य लोगों को योग्य बनाया गया और आयोग को एक विशेष जाति का आयोग बना दिया गया। उन्होंने कहा कि बाद में अदालत ने अनिल यादव को पद से हटा दिया।
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेता खुद का मजाक बनवा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव पहले नकल को लेकर हल्के बयान देते थे। ठाकुर ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी दोबारा सत्ता में आई तो फिर पेपर लीक होंगे और युवाओं के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
07:21 PM, 28-Jul-2026
हम कांग्रेस की तरह दिखावा नहीं करते- अनुराग ठाकुर
अनुराग ठाकुर ने सदन में कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे प्रधानमंत्री युवाओं में लोकप्रिय है। वो युवाओं के हित में काम करते हैं। इसीलिए हम आज युवाओं के लिए चर्चा कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी न तो नियम बनाती है और न ही उनका पालन करती है। ठाकुर ने दावा किया कि चार ऐसे मामले हुए, जिनमें आयोग को अपने फैसले बदलने पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि 2012 की परीक्षा की सभी उत्तर पुस्तिकाएं जला दी गई थीं और इस बारे में समाजवादी पार्टी से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी जा सकती है। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी हमला करते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद अब वही लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
07:20 PM, 28-Jul-2026
शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस केसी वेणुगोपाल का सरकार पर हमला
शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि एक समय सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियां मजबूत मानी जाती थीं, लेकिन आज सरकार ने उन्हें कमजोर कर दिया है और उनका इस्तेमाल केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कांग्रेस सरकार की देन हैं, लेकिन आज सूचना का अधिकार लगभग खत्म होता दिखाई दे रहा है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि देश में एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिससे गरीब बच्चों की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकारी स्कूल कमजोर होंगे और कोचिंग की फीस गरीब नहीं चुका सकते, तब गरीब बच्चों का भविष्य क्या होगा।
07:02 PM, 28-Jul-2026
पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर क्या बोलीं डिंपल यादव का हमला?
- लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली और छात्र आंदोलन को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2024 में कानून बनने के बावजूद नीट समेत कई परीक्षाएं रद्द और स्थगित हुईं। उन्होंने सरकार से पूछा कि सीबीआई जांच का क्या नतीजा निकला, कितने लोगों को दोषी ठहराया गया और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद भी 2026 में नीट परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी।
- डिंपल यादव ने कहा कि 2021 से 2026 के बीच करीब 90 छात्रों ने आत्महत्या की और पिछले 40 दिनों में 20 छात्रों ने जान गंवाई। उन्होंने इन छात्रों को केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि देश का भविष्य बताया। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे थे, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया गया। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार हुआ।
- उन्होंने गृह मंत्री से संसद में आकर जवाब देने की मांग की कि शांतिपूर्ण और निहत्थे छात्रों के आंदोलन के दौरान हिंसा का इस्तेमाल क्यों किया गया। डिंपल यादव ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे थे और उनकी आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
06:49 PM, 28-Jul-2026
यह राजनीति नहीं, बच्चों के भविष्य और भरोसे का सवाल- सुप्रिया सुले
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों के भरोसे का सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में कानून बनने के बावजूद उसका प्रभावी तरीके से पालन नहीं हुआ, इसलिए आज फिर संशोधन लाना पड़ रहा है।
सुप्रिया सुले ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन ने यह दिखाया कि छात्रों और उनके परिवारों में कितना आक्रोश है। उन्होंने कोचिंग संस्थानों के बढ़ते प्रभाव, एनटीए की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने पेपर लीक और छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की।
सुले ने सुझाव दिया कि सरकार सभी दलों की बैठक बुलाए और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाकर सभी पक्षों से सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करे, जिससे भविष्य में पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह रोकी जा सकें। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का दुश्मन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उसका सहयोगी है।
05:27 PM, 28-Jul-2026
पीएम मोदी कैमरे का नहीं दिल का एंगल बदलें- प्रियंका गांधी
लोकसभा में पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन आज जिस संशोधन पर चर्चा कर रहा है, वह उसी कानून में बदलाव है जिसे वर्ष 2024 में पारित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि कानून बनने के बाद भी अब तक पेपर लीक के किसी आरोपी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से छात्रों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन पेपर लीक के आरोपियों की पहचान सामने नहीं लाई जा रही। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए, क्योंकि केवल नई समितियां बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने राधाकृष्णन समिति का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया, जिनका शिक्षा से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान उनकी टिप्पणी पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुस्कुराए तो प्रियंका गांधी ने कहा, "सर, आप मुस्कुराइए जरूर।"
उन्होंने फास्ट ट्रैक अदालतों के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई के वकील पिछली सुनवाई में अदालत तक नहीं पहुंचे। प्रियंका गांधी ने कहा कि केवल अलग-अलग कैमरा एंगल से वीडियो बनाकर नई पीढ़ी को प्रभावित नहीं किया जा सकता, बल्कि प्रधानमंत्री को अपने दिल का एंगल बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुलिस की लाठी केवल छात्रों की पीठ पर नहीं, बल्कि सरकार की साख पर भी पड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में चुनाव में वोट, राम मंदिर में चढ़ावे, किसानों की जमीन और सबसे बढ़कर देश के युवाओं के भविष्य की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भारत के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टिप्पणी की कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के भाषण की नकल की है।
05:22 PM, 28-Jul-2026
हंगामे के बीच स्पीकर ने विधेयक तक सीमित रहने को कहा
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने प्रियंका गांधी के बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए उसके प्रमाण की मांग की। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आरोपों की पुष्टि किए बिना चर्चा आगे नहीं बढ़नी चाहिए। इस पर कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इसी सदन में पहले निशिकांत दुबे ने जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर भी टिप्पणियां की थीं, जिन्हें रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया था। जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने उस समय अपने बयानों के प्रमाण दिए थे और आज भी उन पर कायम हैं। प्रह्लाद जोशी ने आरोपों से इनकार करते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं, प्रियंका गांधी ने सदन की मेज पर अखबार की कटिंग रखते हुए पूछा कि क्या जोशी अपने बयान से इनकार कर रहे हैं। बढ़ते हंगामे के बीच स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदन की चर्चा केवल विधेयक तक सीमित रहेगी।
05:19 PM, 28-Jul-2026
प्रियंका गांधी के किस बयान पर हुआ हंगामा?
प्रधानमंत्री ने नया शिक्षा मंत्री चुना, एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इस पर स्पीकर ने उनको टोका और सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने जो कहा, हमारे नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की, वह चरित्र हनन है एक तरीके से। हम उम्मीद नहीं करते ऐसी बातों की। इसे रिकॉर्ड से हटाया जाए। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल ना करें। संसद में डिबेट के स्तर को ना गिराएं। जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। यह मानता हूं कि ऑथेंटिकेट नहीं कर सकती हैं तो माफी मांगनी चाहिए। हालांकि इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि वो इसका प्रमाण उपलब्ध कर देंगी।
05:00 PM, 28-Jul-2026
'पैलट गन चलाने के लिए किसने आदेश दिया', सदन में बोलीं प्रियंका गांधी
लोकसभा में प्रियंका ने कहा कि कुछ दिनों पहले हम राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए थे। पुलिस लाठी चार्ज में घायल हुई छात्रा का हाल जानने। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि क्या जरूरत थी लड़कियों पर दमन करने की। क्या जरूरत थी उनपर पैलट गन चलाने की। उनपर एक-47 चलाने की। छात्र तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थें। उन्होंने आगे कहा कि सरकार देश के नौजवानों से क्यों डरती है। अभी तक एक भी माफिया को सजा नहीं हुई। शिक्षातंत्र में आरएसएस प्रचारकों को भर लिया गया।
प्रियंका गांधी ने संसद में सरकार पर तीखा हमला करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि हम बार-बार सवाल कर रहे हैं कि इस कार्रवाई की अनुमति किसने दी और क्या यह आदेश प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की ओर से आया था। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के छात्र, उनके माता-पिता और शिक्षक इस मामले में जवाब चाहते हैं। संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक जवाबदेही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं, शासक नहीं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल किया। ऐसे में उन्हें न्याय, पारदर्शिता और सम्मान मिलना चाहिए।
03:59 PM, 28-Jul-2026
जेन जी प्रदर्शन पर कंगना रनौत की टिप्पणी से विवाद, कांग्रेस ने भी साधा निशाना
जपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हुए हालिया छात्र आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को जेनरेशन गटर बताते हुए उनके वीडियो को घिन पैदा करने वाला कहा। कंगना ने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा की आलोचना करते हुए कई विवादित टिप्पणियां कीं। मंगलवार को एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और दूसरों के खिलाफ अपशब्द बोलते हैं, उन्हें प्रतिक्रिया के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने न्यूटन के तीसरे नियम का हवाला देते हुए अपनी बात रखी। कंगना की टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस नेताओं रेणुका चौधरी और इमरान प्रतापगढ़ी ने उनकी भाषा की आलोचना की। वहीं, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी कंगना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक और दोहरा मापदंड अपनाने वाला बताया।
03:42 PM, 28-Jul-2026
'पेपर लीक नहीं सरकार की नाकामी समस्या है', लोकसभा में बोले सांसद अभिषेक बनर्जी
टीएमसी नेता और सासंद अभिषेक बनर्जी ने सरकार को सदन में घेरा। इस दौरान उन्होनें कई सावल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि ठीक से बहस हो, सदन चले। ये सरकार एक परीक्षा भी ठीक से नहीं करा सकती। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो उन्हें लाठियां मिली। उन्होंने आगे कहा कि न्यू इंडिया में यंग इंडिया कहां है। पेपर लीक नहीं सरकार की नाकामी समस्या है। भाजपा सरकार को याद रखना चाहिए। कि हर जेनरेशन आपका रिपोर्ट कार्ड बनाती है। इस जेनरेशन के रिपोर्ट कार्ड में सरकार फेल है। फेल है सही तरीके से परीक्षा कराने में। फेल है इनको न्याय देने में। फेल इनका भरोसा जीतने में। अब सरकार कह रही है कि हम कड़े कानून लेकर आए हैं। लेकिन किसके लिए? अपराधियाों के लिए, सिंडिकेट के लिए? लेकिन अफसरों के लिए क्या? उनके मंत्रियों के लिए क्या? जिम्मेदारी कौन लेगा? जो परीक्षा कराने में नाकाम है।
अभी दो दिन पहले पीएम मोदी का वीडियो आया। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की चर्चा की। सरकार ने लोगों से कहा कि ये संशोधन इसलिए किया गया कि जल्दी मामलों में सुनवाई है। उन्होंने आगे कहा कि कल की ही बात है एक अदालत के स्पेशल जज ने सुनवाई नहीं की। सिर्फ इसलिए क्योंकि सीबीआई की ओर से कोई नहीं आया। टीवी पर सरकार कहती है कि ये फास्ट ट्रैक कोर्ट बना रहे हैं, लेकिन हकीकत ये है कि सरकार समय से अपने कर्मचारियों को भी कोर्ट नहीं भेज पा रही है।
03:19 PM, 28-Jul-2026
लोकसभा में अखिलेश यादव बोले- प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि छात्र आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के खिलाफ नारा लगा कि सरकार को ये अहंकार था कि ये सरकार झुकती नहीं है। लेकिन नौजवानों ये नारा दिया कि झुकाने वाला चाहिए। सरकार भी झुकती है। सरकार झुकी और स्वीकार किया उसने जो करोड़ों नौजवान मांग कर रहे थे। सदन में उन आश्वासनों को सरकार क्यों नहीं रख रही है। जिनपर सहमति बनी है। हम लोगों ने जब मंत्री जी लौटे, जब वो मंत्री नहीं रहे, उनका स्वागत हुआ। हमें स्वागत से परेशानी नहीं है। लेकिन सभी सदस्यों को कितनी राहत मिली होगी कि एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया। ये सरकार नकारात्मक राजनीति करती थी।
भाजपा वचन नहीं जुमला देती है। मुझे उम्मीद है सभी युवा नौजवानों की सभी मांगे सरकार स्वीकार करेगी। सरकार ये भी स्वीकार करेगी कि जो पार्टी चीज मजाक में बनी, वो कितनी सीरियस हो गई। इतनी सीरयस हो गई सरकार कि वो लोकतांत्रिक गई। जो उनको धरने पर बैठे दिया। हमने वो भी समय देखा है, जहां लोगों को धरने पर बैठने नहीं दिया। वर्षों तक लोगों धरने पर बैठे रहे, उनकी सुनी नहीं गई। इसी दिल्ली को किसानों ने घेरा था। जब सरकार को लगा कि चुनाव आने वाले हैं, तो सरकार ने तीनों काले कानून वापस ले लिया। जब ये सरकार डर जाती है। घबरा जाती है। उसके बाद सरकार झुक जाती है। इसीलिए ये नारा बढ़िया है कि झुकती है सरकार बस झुकाने वाला चाहिए।
03:14 PM, 28-Jul-2026
पेपर लीक रोकने के लिए यह समय की मांग: बांसुरी स्वराज
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह विधेयक न केवल जरूरी है, बल्कि आज के समय की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि देश में परीक्षा माफिया अब संगठित रूप ले चुका है और यह कानून उससे प्रभावी ढंग से निपटने का रास्ता तैयार करता है। इस विधेयक को लाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पेपर लीक एक घोर अपराध है और यह केवल बयान नहीं, बल्कि सरकार की स्पष्ट मंशा है। इसी उद्देश्य से यह विधेयक संसद में लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जटिलताओं को दूर करने का प्रयास करता है। इसके तहत केंद्र सरकार को विशेष टास्क फोर्स गठित करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही जांच एजेंसी को दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि ट्रायल तीन महीने में पूरा कर फैसला सुनाने का प्रावधान किया गया है।
खुद को वकील बताते हुए बांसुरी स्वराज ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'परीक्षा पर चर्चा' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के साथ व्यक्तिगत रूप से जुड़कर उन्हें प्रेरित किया है। उनका प्रयास रहा है कि देश के विद्यार्थी 'एग्जाम वॉरियर' बनें, न कि 'एग्जाम वॉरियर' बनने से पहले परीक्षा के दबाव में टूटें। भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान आईआईटी और मेडिकल संस्थानों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के नामांकन में बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामाजिक न्याय के दायरे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
03:12 PM, 28-Jul-2026
गोगोई बोले- लड़कियों पर अत्याचार, पैलेट गन का इस्तेमाल...
गौरव गोगोई ने कहा कि छात्र आंदोलन ने यह दिखा दिया कि लोगों के मन से डर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई की रात 10 बजे भी लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोकतंत्र के समर्थन में खड़े रहे। उन्होंने कहा कि खून से लथपथ चेहरा होने के बावजूद एक छात्र पुलिस के सामने डटा रहा और लोगों को लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराया।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल का समर्थन नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि उन भावनाओं को भी याद रखना चाहिए, जिन्हें छात्रों ने सामने रखा। इस दौरान उन्होंने शायर वसीम बरेलवी की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा, "उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है, जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है।" गोगोई ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान एक युवक ने आगे आकर एक लड़की को बचाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि एक छात्र ने कहा था कि जिस उंगली से उसने कमल के निशान पर वोट दिया था, उसी उंगली को आज पुलिस ने तोड़ दिया।
उन्होंने देशभर के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कई लोगों ने प्रदर्शनकारियों के लिए स्विगी के माध्यम से भोजन भेजा और वकीलों ने भी लोकतंत्र के समर्थन में उनका साथ दिया। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, एक पुलिसकर्मी ने एक लड़की को थप्पड़ मारा और एक बच्ची के निजी अंग पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को भुलाया नहीं जाएगा और इस पूरे मामले में गृह मंत्री से जवाब मांगा। गौरव गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार यह विधेयक इसलिए लेकर आई है क्योंकि उसकी पुलिस छात्र आंदोलन को दबाने में सफल नहीं हो सकी। उन्होंने बिहार में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा एके-47 के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।
03:03 PM, 28-Jul-2026
गोगोई ने कहा- प्रधान सिर्फ एक मुखौटा
कांग्रेस सांसद ने कहा कि आप सुधार नहीं चाहते, क्योंकि RSS के लिए शिक्षा विभाग अहम है। आप चाहते हैं कि शिक्षा के माध्यम से इस पीढ़ी के लोग आपके संगठन के सदस्य बने। डीयू, IIT, जेएनयू ने अपने स्टूडेंट्स ने कहा कि प्रदर्शन में मता जाओ। क्या ऐसे हम आने वाले भारत का निर्माण करेंगे। राहुल गांधी ने बार-बार कहा कि प्रधान सिर्फ एक मुखौटा हैं। उनके हटने से भी शिक्षा में सुधार आएगा, इसका विश्वास न हमें है, न बच्चों को। बच्चे क्या करें। उनके पास पैसे नहीं है कि 30-30 लाख में पैसे खरीद सकें। वे नाराज हैं। जब वे लड़ नहीं पाते तो आत्महत्या कर लेतें हैं।
02:57 PM, 28-Jul-2026
गौरव गोगोई बोले- NTA में 34 स्वीकृत पद, फिर 47 अधिकारियों पर कार्रवाई कैसे?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि व्यापक चर्चा करने के बजाय प्रधानमंत्री युवाओं से इंस्टाग्राम पर अधिक ध्यान देने की बात करते हैं। गौरव गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाई पावर कमेटी के गठन की बात की, लेकिन दो वर्ष पहले गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि यदि समिति ने इतना अच्छा काम किया था, तो फिर दो साल बाद पेपर लीक जैसी घटनाएं क्यों हुईं।
उन्होंने दावा किया कि सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह इस मुद्दे पर गंभीर है। गोगोई ने कहा कि सरकार ने एनटीए के 47 लोगों को बदले जाने की बात कही है, लेकिन वह जानना चाहते हैं कि ये 47 लोग कौन हैं। उन्होंने कहा कि एनटीए में स्वीकृत पदों की संख्या 34 है और इनमें भी 10 से 12 पद खाली हैं, ऐसे में 47 अधिकारियों पर कार्रवाई का दावा कैसे किया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि एनटीए के महानिदेशक (डीजी) को बदल दिया गया, लेकिन चेयरमैन को पद पर बनाए रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि चेयरमैन पर इतना भरोसा क्यों जताया जा रहा है। उन्होंने चेयरमैन के पिछले कार्यकाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जहां कथित तौर पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
02:52 PM, 28-Jul-2026
गोगोई ने कहा- 2024 में कानून के बावजूद 2026 में कैसे हुआ पेपर लीक?
गौरव गोगोई ने कहा कि कानून उस समय भी विफल था। आज जिस मंशा से सरकार ये ला रही है, आज भी यह फेल होगा। 2024 में कानून लाने के बावजूद 2026 में भी पेपर लीक हुआ। अफसोस की बात है कि उस समय भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे। तब उन्होंने कहा था "कहां हुआ पेपर लीक, नहीं हुआ पेपर लीक।' इस बार भी उनका यही रवैया था। 21 बच्चों ने आत्महत्या कर दी। इस्तीफे के बाद कल प्रधान जब संसद में आए तो आपने उनको ऐसे माला पहनाई जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़के आए हों।
02:39 PM, 28-Jul-2026
पेपर लीक संशोधन विधेयक पर गौरव गोगोई का हमला
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने असम में आई बाढ़ और उसमें 70 लोगों की मौत का जिक्र करते हुए राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग भी उठाई।पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर बोलते हुए गोगोई ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है और यह विधेयक केवल दिखावा करने के लिए लाया गया है। गोगोई ने कहा कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक आंखों में धूल झोंकने जैसा प्रयास है। इस विधेयक से परीक्षा प्रणाली में वास्तविक सुधार नहीं होगा और सरकार को इस मुद्दे पर ठोस तथा प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के नीट पेपर लीक मामले में आरोपपत्र दाखिल किए गए 46 आरोपियों में से 44 को जमानत मिल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया 11 महीने तक फरार रहा और गिरफ्तारी के बाद उसे भी जमानत मिल गई। इसके अलावा अमित कुमार बरुआ और अमित कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों को भी जमानत मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कई आरोपियों के नाम गिनाए।
गौरव गोगोई ने कहा कि जिस उद्देश्य से पहले यह कानून लाया गया था, उसमें वह सफल नहीं हो सका और जिस मंशा के साथ अब संशोधन लाया जा रहा है, उसमें भी सफलता की संभावना नहीं दिखती। उन्होंने कहा "यह कानून आपकी विफलता का स्मारक है।"
02:34 PM, 28-Jul-2026
पर लीक मामलों में पांच महीने के भीतर फैसला- डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान इस संशोधन विधेयक के जरिए कर रही है। पूरी जांच दो महीने के भीतर पूरी करने की समयसीमा तय की गई है, जबकि इसके बाद ट्रायल कोर्ट में तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया जाएगा। घटना होने से लेकर अंतिम निर्णय आने तक पूरे मामले के निपटारे में पांच महीने से अधिक समय नहीं लगेगा। यदि कोई पक्ष फैसले के खिलाफ अपील करना चाहता है, तो उसे 30 दिनों के भीतर अपील करनी होगी। साथ ही, ऐसे मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में डबल बेंच से नीचे नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार एक महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आई है और उसकी प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विधेयक पेश करने के साथ ही कानून मंत्रालय ने स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठित और राधाकृष्णन समिति की 46 प्रमुख सिफारिशों में से 35 को पहले ही लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह ईमानदार है और यह संशोधन भी उसी दिशा में किया गया एक गंभीर प्रयास है। उनका कहना था कि इन प्रस्तावों पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए और यदि कोई विरोध करता है, तो उस पर देश की जनता सवाल उठाएगी।&