सुरक्षा और कानून की पाठशाला, तहसील स्तर पर गूंजेगा युवा सृजन संवाद

छात्रों को साइबर ठगी, महिला सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली से कराया जा रहा रूबरू
भोपाल। स्कूली विद्यार्थियों में कानून, सुरक्षा और सतर्कता की व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद अभियान अब और व्यापक रूप लेने जा रहा है। गत 5 अगस्त से शुरू हुए इस दो-स्तरीय अभियान का दूसरा चरण 15 सितंबर से प्रारंभ होगा, जिसके तहत पुलिस की टीमें तहसील स्तर तक के स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगी।
30 अक्टूबर तक चलने वाले इस दो-मासीय अभियान के पहले चरण में पुलिस अधिकारी और विशेषज्ञ शासकीय, पीएमश्री और सांदीपनि विद्यालयों का रुख कर रहे हैं। 14 सितंबर तक चलने वाले इस प्रारंभिक चरण में विद्यार्थियों को पुलिस थानों की कार्यप्रणाली, कंट्रोल रूम के संचालन और आपातकालीन सेवा डायल-112 के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, संवाद सत्रों के माध्यम से पुलिस और युवाओं के बीच की झिझक मिटाते हुए उनके सवालों के तुरंत समाधान किए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कम उम्र से ही कानून और सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी मिलने से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और सजगता का व्यवहारिक भाव विकसित होगा, जो एक सुरक्षित समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
दी जा रही साइबर सुरक्षा की सीख
अभियान के तहत विभिन्न जिलों में नवीन पद्धतियों से विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। राजगढ़ के  सांदीपनि विद्यालय में साइबर सेल विशेषज्ञ शशांक यादव ने गतिविधि-आधारित सत्र के जरिए छात्रों को फर्जी लिंक, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आगाह किया। इसी तरह नरसिंहपुर के उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित संवाद में पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जारी ऑपरेशन अपराजिता और निर्भया मोबाइलकी प्रणाली से अवगत कराया।
 


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