विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने दिया एक दिवसीय सांकेतिक धरना
भोपाल। रीवा में कल्पना मिश्रा मौत मामले में न्याय की आंच अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर रविवार को विंध्य नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। मंच के अध्यक्ष दिलीप तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में विंध्य क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कल्पना मिश्रा ने अंतिम समय तक इलाज और मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उसकी पुकार को अनसुना कर दिया गया। अब यह केवल एक दुर्घटना या मौत का मामला नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के आत्मसम्मान और न्याय से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। मंच अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अविलंब मामले की सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए, तो पूरा विंध्य क्षेत्र भोपाल में एकजुट होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा और मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करेगा।
मजिस्ट्रियल जांच की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
धरना प्रदर्शन के दौरान मंच ने शासन द्वारा कराई जा रही मजिस्ट्रियल जांच की विश्वसनीयता पर सीधा हमला बोला। दिलीप तिवारी ने कहा कि जिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं, उन्हीं के निचले तंत्र द्वारा की जाने वाली जांच कभी निष्पक्ष नहीं हो सकती। मंच का कहना है कि स्थानीय स्तर पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रहेगी, इसलिए मामले की जांच राज्य एजेंसी के बजाय सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए।
मंच की प्रमुख मांगें
विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने शासन के समक्ष पूरे कल्पना मिश्रा प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच तत्काल सीबीआई को सौंपी जाने, सरकारी पदों पर रहते हुए अवैध रूप से निजी नर्सिंग होम संचालित करने वाले डॉक्टरों और संबंधित अधीक्षक की भूमिका की जांच कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाने की मांग की। साथ ही सवाल उठाया कि क्या राज्य में गरीब परिवारों से जुड़े संवेदनशील मामलों में सीबीआई जांच का प्रावधान नहीं है?