
ओबीसी आरक्षण को लेकर संगठन का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की लंबित सीटों को तुरंत स्वीकृत करने और राज्य में 27 प्रतिशत आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग को लेकर युवाओं ने भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया।
आजाद समाज पार्टी और जेएवाई मूवमेंट ओबीसी के बैनर तले एकत्र हुए आंदोलनकारियों ने तरुण पुष्कर चौराहे पर जमा होकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश की मंत्री कृष्णा गौर और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित शासकीय आवास का घेराव भी किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से विद्यार्थियों की लंबित समस्याओं का तुरंत समाधान करने और तीन दिन के भीतर इस संबंध में लिखित निर्णय देने का अल्टीमेटम दिया है।
विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति पर उपजा विवाद
प्रदर्शन के दौरान जेएवाई मूवमेंट ओबीसी के संस्थापक लखपत गुर्जर ने छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्वीकृत विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना की 14 सीटें अभी तक रुकी हुई हैं। विभाग पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिए बिना ही नई चयन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जो सीधे तौर पर छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि शासन का यह रवैया उन प्रतिभावान विद्यार्थियों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है जो विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। संगठनों का कहना है कि सरकार पहले पुरानी सूची के अभ्यर्थियों को इस योजना का पूरा लाभ प्रदान करे और उसके बाद ही नए सत्र के आवेदन या प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
प्रशासनिक शिथिलता की जांच और आरक्षण की मांग
आंदोलनकारी नेताओं ने छात्रवृत्ति प्रकरण में हो रही देरी के लिए प्रशासनिक अव्यवस्था और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। लखपत गुर्जर ने आरोप लगाया कि मंत्री और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी है तथा वे अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। इस वजह से बजट का आवंटन, अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक स्वीकृतियां अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस प्रशासनिक देरी, बजट की स्थिति और संपूर्ण चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराए। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने पूरे प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू करने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार को विभिन्न अदालतों के आदेशों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाकर पिछड़ा वर्ग के युवाओं को उनका न्यायोचित हक देना चाहिए।
तीन दिन की चेतावनी और राज्यव्यापी आंदोलन
आजाद समाज पार्टी के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और छात्रों की छात्रवृत्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रवृत्ति संबंधी सभी लंबित मामलों पर स्थिति स्पष्ट करे और विद्यार्थियों को प्रत्येक निर्णय की लिखित जानकारी प्रदान करे। प्रदर्शन में शामिल दोनों संगठनों ने चेतावनी जारी की है कि यदि सरकार तीन दिन की समयसीमा के भीतर उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लेती है, तो वे अपने विरोध को केवल भोपाल तक सीमित नहीं रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई को पूरे राज्य के जिलों और तहसीलों में ले जाएंगे तथा एक व्यापक राज्यव्यापी आंदोलन खड़ा करेंगे। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि इस स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रशासनिक या सामाजिक परिस्थिति की समस्त जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी।