भोपाल। मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक पहचान और लोक धरोहरों को सहेजने के उद्देश्य से पंच परिवर्तन के अंतर्गत एक विशेष सामाजिक व सामुदायिक संवाद का आयोजन किया जा रहा है। पारंपरिक सांस्कृतिक स्वबोध पर आधारित इस वृहद समागम के तहत मंदसौर स्थित ऐतिहासिक धर्मराजेश्वर (ब्राह्मणशैल मंदिर, हरिहर क्षेत्र) में 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक 32वें राष्ट्रीय अधिवेशन भारतीय युवा संसद (मध्य भारत राष्ट्रीय सत्र) का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से सहयोग मांगा गया है। विभाग के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव तथा समस्त शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उच्च षिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारतीय युवा संसद के राष्ट्रीय संयोजक से प्राप्त पत्र को सभी कॉलेज प्राचार्यों को प्रेषित कर दिया गया है। अधिवेशन में शामिल होने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय के प्राचार्य को 9,500 रुपये का शुल्क जमा कराकर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने और तदनुसार समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं