डिजिटल होगी शिक्षकों की योग्यता परीक्षा, ऐप से तैयारी करा रहा विभाग

50 जिलों में ही होंगे टीईटी परीक्षा केंद्र, पास के शहर जाना होगा
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और शिक्षकों की योग्यता को परखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग बड़ी तैयारी कर रहा है। प्रदेश में होने वाली आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आगामी अगस्त महीने में इस ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया जा सकता है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा में स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग दोनों के मिलाकर लगभग 1 लाख से अधिक शिक्षकों के शामिल होने का अनुमान है। आंकड़ों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 70 हजार शिक्षक पात्रता श्रेणी में हैं। वहीं जनजातीय कार्य विभाग के लगभग 35 हजार शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होंगे। वर्तमान में कर्मचारी चयन मंडल शिक्षा विभाग से प्राप्त डेटा के आधार पर परीक्षार्थियों की वास्तविक संख्या का सटीक विश्लेषण कर रहा है। जैसे ही आंकड़ों का मिलान पूरा होगा, बोर्ड द्वारा आधिकारिक परीक्षा तिथियों की घोषणा के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
नए जिलों के परीक्षार्थियों को जाना होगा पास के शहर
प्रदेश में कुल जिलों की संख्या बढ़कर 55 हो चुकी है, लेकिन कर्मचारी चयन मंडल ने केवल 50 जिलों में ही परीक्षा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। बोर्ड का तर्क है कि हाल ही में गठित नए जिलों में अभी ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवश्यक स्थायी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं हैं। सुरक्षा मानकों और गोपनीयता से समझौता न करते हुए परीक्षा केवल पुराने व सर्वसुविधायुक्त 50 जिलों में ही आयोजित की जाएगी। ऐसे में नए जिलों के शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए अपने नजदीकी जिले के केंद्रों पर जाना होगा।
समर्थ पोर्टल से कराई जा रही शिक्षकों की तैयारी
शिक्षकों को डिजिटल परीक्षा के नए पैटर्न से रूबरू कराने और उनके विषय ज्ञान को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की है। इसके तहत समर्थ पोर्टल के माध्यम से सभी योग्य शिक्षकों के लिए विशेष ऑनलाइन स्टडी मॉड्यूल और वीडियो कक्षाएं शुरू की गई हैं।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि शिक्षक अपने मोबाइल पर विषय-वार अपलोड किए गए इन सरल और सुगम वीडियो का नियमित अध्ययन करें, ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।


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