वसूला जाएगा 30 गुना जुर्माना, बलपूर्वक होगी बेदखली

शासकीय आवास खाली ना करने वालों पर होगी कार्रवाई
भोपाल। राजधानी भोपाल में ट्रांसफर या रिटायरमेंट के बाद भी सरकारी आवासों और क्वार्टरों खाली ना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार अब बलपूर्वक मकान खाली कराने की तैयार की। साथ ही उनसे भारी-भरकम दाण्डिक किराया (पेनल्टी) भी वसूला जाएगा। इसके लिए राज्य के गृह विभाग ने भोपाल कलेक्टर समेत सभी विभागों और कार्यालय प्रमुखों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों में 30 जनवरी 2026 को भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम में किए गए बड़े बदलावों का हवाला दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति के बाद कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अधिकतम 6 महीने तक ही शासकीय आवास में रह सकता है। इस अवधि के बीत जाने के बाद भी आवास खाली न करने पर सामान्य किराये से 30 गुना अधिक दंडात्मक किराया वसूला जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों से न केवल जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि उन्हें बलपूर्वक आवास से बेदखल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विभागों से मांगी गई डिफाल्टरों की सूची
शासन ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रथम से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची मांगी गई है जो समय सीमा खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से सरकारी आवासों में जमे हुए हैं।
पुलिस विभाग ने भी कसी कमर
गृह विभाग के इस कड़े रुख के बाद पुलिस मुख्यालय ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। पुलिस विभाग ने अपनी सभी इकाइयों को इस निर्देश पर तत्काल अमल करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही, अब तक अवैध कब्जाधारियों पर की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट और सूची भी तलब की है। इस कार्रवाई से लंबे समय से सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों में हड़कंप मच गया है।
 


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