जन विश्वास विधेयक पारित: जनता को राहत मिलेगी, कोर्ट के मामलों में कमी आएगी, दीवार पर पर्चे चिपकाने पर जुर्माना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 17 Dec 2024 11:04 PM IST

राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मध्य प्रदेश निजी विद्यालय संशोधन विधेयक पेश किया, जबकि पर्यटन मंत्री धमेंद्र लोधी ने मां शारदा देवी मंदिर मैहर संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे भी पारित कर दिया गया। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश विवि विधि संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। उसे भी मंजूरी दे दी गई। 

बिना अनुमति नगरीय क्षेत्रों में दीवार लेखन या पर्चा चिपकाने वालों को अब कोर्ट कार्रवाई से राहत मिलेगी, लेकिन 2000 रुपये का अर्थदंड देकर ही छोड़ा जाएगा। इसके तहत संबंधित मामले कोर्ट तक नहीं जाएंगे और अधिकारी मौके पर ही जुर्माना लगाने का अधिकार रखेंगे। यह प्रावधान मंगलवार को विधानसभा में पारित किए गए जन विश्वास विधेयक में किया गया है। इसके समेत चार विधेयकों को मंगलवार को पारित कर दिया गया। सरकार के इस कदम से जनता को अनावश्यक कानूनी उलझनों से राहत मिलेगी और न्यायालयों पर ऐसे मामूली मामलों का बोझ भी कम होगा। जन विश्वास विधेयक का उद्देश्य कार्यप्रणाली को सरल बनाना और जनता को राहत प्रदान करना है। इसके अलावा, सामान्य मामलों में कोर्ट पर बोझ कम करना और विभागीय अधिकारियों को त्वरित समाधान के अधिकार देना विधेयक की प्रमुख विशेषताएं हैं। राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मध्य प्रदेश निजी विद्यालय संशोधन विधेयक पेश किया, जबकि पर्यटन मंत्री धमेंद्र लोधी ने मां शारदा देवी मंदिर मैहर संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे भी पारित कर दिया गया। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश विवि विधि संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। उसे भी मंजूरी दे दी गई।

जुर्माने को पेनल्टी में बदलने का प्रावधान
इस विधेयक के जरिए नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, सहकारिता, श्रम जैसे सात विभागों में जुर्माने को पेनल्टी में बदलने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले इन मामूली मामलों को कोर्ट में प्रस्तुत करना होता था, लेकिन अब अधिकारी इनका समाधान मौके पर ही कर सकेंगे। भारत सरकार ने 2023 में इसी तर्ज पर कामकाज की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जन विश्वास विधेयक पेश किया था। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए संबंधित विभागों के अधिनियमों में संशोधन कर पेनल्टी का विकल्प चुना है।
अर्थदंड के प्रमुख प्रावधान
ऊर्जा विभाग के तहत कैप्टिव पावर प्लांट का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को अब उत्पादन और खपत का लेखा-जोखा न रखने पर 5000 रुपये तक का अर्थदंड देना होगा। पहले इसके लिए अलग-अलग जुर्माने की सीमा थी, जिसे अब एकसमान कर दिया गया है। नगरीय विकास विभाग ने प्रावधान किया है कि यदि पानी की नाली या सड़क को निजी उपयोग के लिए क्षतिग्रस्त किया जाता है, तो अर्थदंड 500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाएगा। इसी तरह, निजी भूमि पर प्लाटिंग के लिए चूने की लाइन डालने जैसे मामलों में भी कड़े प्रावधान किए गए हैं।

बिना अनुमति भवन निर्माण: 2000 रुपये जुर्माना। 
बिना आयुक्त की अनुमति पेड़ काटने पर: 50 रुपये जुर्माना।
हवाई फायरिंग पर: 200 रुपये जुर्माना।
इमारती लकड़ी काटने और सुरंग लगाने पर: 500 रुपये जुर्माना।


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