वक्फ संपत्तियों पर कांग्रेस नेताओं के अवैध कब्जे

बोर्ड कोप्रतिवर्ष आय सौ करोड़ होनी चाहिए, लेकिन होती है दो करोड़
भोपाल। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा कि प्रदेश 15008 वक्फ संपत्तियां हैं। वर्ष 2020 में पट्टा नियम लागू किया गया। अगर पट्टा नियम के हिसाब से देखा जाए तो मध्यप्रदेश में वक्फ संपत्तियों से प्रति वर्ष को 100 करोड़ की आय होनी चाहिए, लेकिन कानून की विसंगतियों और कांग्रेस नेताओं के अवैध कब्जे के कारण वक्फ संपत्तियों से प्रतिवर्ष दो करोड़ की ही आय हो रही है।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि  वक्फ संशोधन बिल का हम स्वागत करते हैं। इस बिल का विरोध सिर्फ कांग्रेस और सपा जैसे राजनीतिक दल कर रहे हैं, जो मुस्लिमों के हितैषी नहीं हैं, बल्कि उनका इस्तेमाल वोट बैंक की तरह करना चाहते हैं। इस बिल का विरोध ऐसे लोग भी कर रहे हैं जो वक्फ बोर्ड की आड़ में भू-माफिया बनकर मोटी कमाई कर रहे हैं। यही लोग देश की जनता को भड़काने का षडयंत्र रच रहे हैं। पटेल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल से इन वर्गों के साथ-साथ महिलाओं को भी वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। इससे महिला सहित सभी वर्गों का सशक्तीकरण होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के बाद वक्फ बोर्ड को लगभग 12 हजार करोड़ की आय होने का अनुमान है और ये पैसे मुस्लिम समाज के ही काम आएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 15008 वक्फ संपत्तियां हैं। वर्ष 2020 में पट्टा नियम लागू किया गया। अगर पट्टा नियम के हिसाब से देखा जाए तो मध्यप्रदेश में वक्फ संपत्तियों से प्रति वर्ष को 100 करोड़ की आय होनी चाहिए, लेकिन कानून की विसंगतियों और कांग्रेस नेताओं के अवैध कब्जे के कारण वक्फ संपत्तियों से प्रतिवर्ष दो करोड़ की ही आय हो रही है। कानून में संशोधन के बाद वक्फ बोर्ड की आय बढ़ेगी, जिसका उपयोग गरीब मुस्लिमों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में खर्च होगा।
कांग्रेस नेताओं का कब्जा, इसलिए कर रहे विरोध
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेता रियाज खान 7.11 करोड़ की आरआरसी जारी हुई है। इन्होंने वक्फ में 15 दुकानें बताई थी, इसकी जांच हुई तो 115 दुकानें मिलीं। ऐसे ही 1.84 करोड़ की रिकवरी सागर जिले के बीना में कांग्रेस नेता इकबाल खान पर निकली है। नईम खान भोपाल के हैं, उनके विरुद्ध भी सवा करोड़ रुपए आरआरसी जारी हुई है। ये वक्फ की आमदनी से अपना पेट भर रहे हैं। इस बिल से उन्हीं लोगों का विरोध सामने आ रहा है। वास्तव में जरूरतमंद मुसलमान तो इस बिल से खुश है।
केवल भ्रम फैलाती है कांग्रेस
पटेल ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह सकारात्मक सुझाव भी दे, हर बात का विरोध न करे, लेकिन कांग्रेस हमेशा विचार-विमर्श से भागती रही है और विरोध की राजनीति करती है। आर्टिकल-370, ट्रिपल तलाक और जीएसटी के संबंध में संसद में जो विशेष सत्र आयोजित किए गए थे, कांग्रेस पार्टी इनमें भी शामिल नहीं हुई। राजनीति के लिए नए संसद भवन, सेंट्रल विस्टा का विरोध भी कांग्रेस का ऐसा ही कदम था। सीएए के बारे में कांग्रेस ने भ्रम फैलाया कि इससे मुस्लिमों की नागरिकता छिन जाएगी। कांग्रेस पार्टी बताए कि बीते पांच सालों में कितने मुस्लिमों की नागरिकता छीनी गई है?
 
 

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