संसद भवन परिसर में धक्कामुक्की मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर ली थी जिसे शुक्रवार को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में इंस्पेक्टर पंकज मलिक की टीम मामले की जांच करेगी। यह मामला भाजपा की सांसद बांसुरी स्वराज, हेमंग जोशी और अनुराग ठाकुर की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में दर्ज किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताआ कि हमने मामले को स्थानीय पुलिस से अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सारंगी और मुकेश राजपूत के बयान दर्ज कर सकती है और गांधी को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। बता दें कि बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।
बिना बयान लिए लौटी पुलिस टीम
संसद मार्ग थाने की टीम शुक्रवार को घायल सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत के बयान दर्ज करने राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) पहुंची, लेकिन शुक्रवार शाम तक दोनों संसद सदस्य आईसीयू में भर्ती थे। डॉक्टरों से बात करने के बाद पुलिस दल को पीड़ित सांसदों के बयान दर्ज किए बिना ही लौटना पड़ा।
इस धाराओं में दर्ज हुआ है केस
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कार्य), 131 (आपराधिक बल का प्रयोग), 351 (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की ग