बुरे फंसे राहुल: संसद में हाथापाई का मामला दिल्ली पुलिस ने क्राइम ब्रांच को सौंपा, सीन कर सकती है रीक्रिएट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 20 Dec 2024 09:45 PM

भाजपा का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्कामुक्की की, जिस वजह से उसके बुजुर्ग सांसद प्रताप सारंगी चोटिल हुए।

संसद भवन परिसर में धक्कामुक्की मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर ली थी जिसे शुक्रवार को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में इंस्पेक्टर पंकज मलिक की टीम मामले की जांच करेगी। यह मामला भाजपा की सांसद बांसुरी स्वराज, हेमंग जोशी और अनुराग ठाकुर की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में दर्ज किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताआ कि हमने मामले को स्थानीय पुलिस से अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सारंगी और मुकेश राजपूत के बयान दर्ज कर सकती है और गांधी को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। बता दें कि बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।

बिना बयान लिए लौटी पुलिस टीम
संसद मार्ग थाने की टीम शुक्रवार को घायल सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत के बयान दर्ज करने राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) पहुंची, लेकिन शुक्रवार शाम तक दोनों संसद सदस्य आईसीयू में भर्ती थे। डॉक्टरों से बात करने के बाद पुलिस दल को पीड़ित सांसदों के बयान दर्ज किए बिना ही लौटना पड़ा।

इस धाराओं में दर्ज हुआ है केस
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कार्य), 131 (आपराधिक बल का प्रयोग), 351 (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की ग

कांग्रेसी की शिकायत पर अभी दर्ज नहीं हुई एफआईआर
इस बीच, पुलिस ने कांग्रेस द्वारा दायर एक शिकायत के जवाब में एक अलग प्राथमिकी दर्ज करने पर कानूनी सलाह मांगी है, जिसमें भाजपा सांसदों पर संसद परिसर में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम कानूनी राय ले रहे हैं कि क्या कांग्रेस नेताओं की शिकायत को एफआईआर में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
पुलिस कर सकती है सीन रीक्रिएट
राहुल के खिलाफ मामले की जांच के बारे में बात करते हुए, अधिकारी ने कहा कि पुलिस उस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी जहां घटना हुई थी और मीडिया हाउसों से भी संपर्क करके उनके पास मौजूद किसी भी वीडियो सबूत के बारे में पूछताछ करेगी। सूत्र ने कहा कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर पुलिस अपराध स्थल पर फिर से सीन रीक्रिएट करेगी।
क्या है राहुल गांधी के ऊपर आरोप?
भाजपा का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्कामुक्की की, जिस वजह से उसके बुजुर्ग सांसद प्रताप सारंगी चोटिल हुए। सारंगी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें और अन्य विपक्षी सदस्यों को संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की।
राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन भाजपा के सांसद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे, धक्का दे रहे थे और धमका रहे थे। राहुल ने दावा किया कि खरगे और प्रियंका गांधी के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, लेकिन इससे विपक्ष को फर्क नहीं पड़ता। यह संसद है और अंदर जाना हमारा अधिकार है। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि संविधान और बाबासाहेब की स्मृति का अपमान हुआ है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब आंबेडकर से संबंधित टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए विपक्षी सदस्यों ने मार्च निकाला तो भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। संसद भवन के 'मकर द्वार' के निकट सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की।
किस बात पर विवाद?
दरअसल, अमित शाह की टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में बुधवार से गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने 'भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' विषय पर राज्यसभा में दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। दूसरी तरफ भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा बाबासाहेब का अपमान किया और उन्हें चुनाव में तक हरवाया।
दूसरे दिन भी आईसीयू में रहे सांसद
संसद में हुई धक्का-मुक्की में घायल हुए भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत दूसरे दिन शुक्रवार को भी डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आईसीयू में भर्ती रहे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने कहा, शुक्रवार देर रात तक दोनों सांसदों की जांच की गई। उनकी सेहत में पहले से सुधार दिखा। आईसीयू में तैनात चिकित्सक व दूसरी टीम उनकी देखभाल कर रही है। दोनों सांसदों का रक्तचाप सामान्य हो गया है। मुकेश राजपूत के सिर में भारी पन व चक्कर की शिकायत है। वहीं प्रताप चंद्र सारंगी को पुरानी दिल की बीमारी है। सांसदों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें चोट व दूसरे कारणों का पता चला है। डॉक्टर उसे देख रहे हैं। माथे पर चोट के कारण घाव भरने में अभी कुछ समय लग सकता है। आने वाले दिनों में स्थिति के आधार पर डॉक्टर कुछ फैसला ले पाएंगे।
स्पीकर की लिखित अनुमति लेने से पहले दर्ज की एफआईआर
पुलिस व राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा रही कि नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले लोकसभा स्पीकर की लिखित अनुमति नहीं ली गई। हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया एफआईआर दर्ज करने से पहले स्पीकर की मौखिक अनुमति ले ली गई। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस ने लोकसभा स्पीकर को एफआईआर दर्ज की जानकारी दे दी है।

125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कार्य), 131 (आपराधिक बल का प्रयोग), 351 (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

कांग्रेसी की शिकायत पर अभी दर्ज नहीं हुई एफआईआर
इस बीच, पुलिस ने कांग्रेस द्वारा दायर एक शिकायत के जवाब में एक अलग प्राथमिकी दर्ज करने पर कानूनी सलाह मांगी है, जिसमें भाजपा सांसदों पर संसद परिसर में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम कानूनी राय ले रहे हैं कि क्या कांग्रेस नेताओं की शिकायत को एफआईआर में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
पुलिस कर सकती है सीन रीक्रिएट
राहुल के खिलाफ मामले की जांच के बारे में बात करते हुए, अधिकारी ने कहा कि पुलिस उस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी जहां घटना हुई थी और मीडिया हाउसों से भी संपर्क करके उनके पास मौजूद किसी भी वीडियो सबूत के बारे में पूछताछ करेगी। सूत्र ने कहा कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर पुलिस अपराध स्थल पर फिर से सीन रीक्रिएट करेगी।
क्या है राहुल गांधी के ऊपर आरोप?
भाजपा का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्कामुक्की की, जिस वजह से उसके बुजुर्ग सांसद प्रताप सारंगी चोटिल हुए। सारंगी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें और अन्य विपक्षी सदस्यों को संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की।
राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन भाजपा के सांसद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे, धक्का दे रहे थे और धमका रहे थे। राहुल ने दावा किया कि खरगे और प्रियंका गांधी के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, लेकिन इससे विपक्ष को फर्क नहीं पड़ता। यह संसद है और अंदर जाना हमारा अधिकार है। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि संविधान और बाबासाहेब की स्मृति का अपमान हुआ है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब आंबेडकर से संबंधित टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए विपक्षी सदस्यों ने मार्च निकाला तो भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। संसद भवन के 'मकर द्वार' के निकट सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की।
किस बात पर विवाद?
दरअसल, अमित शाह की टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में बुधवार से गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने 'भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' विषय पर राज्यसभा में दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। दूसरी तरफ भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा बाबासाहेब का अपमान किया और उन्हें चुनाव में तक हरवाया।
दूसरे दिन भी आईसीयू में रहे सांसद
संसद में हुई धक्का-मुक्की में घायल हुए भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत दूसरे दिन शुक्रवार को भी डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आईसीयू में भर्ती रहे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने कहा, शुक्रवार देर रात तक दोनों सांसदों की जांच की गई। उनकी सेहत में पहले से सुधार दिखा। आईसीयू में तैनात चिकित्सक व दूसरी टीम उनकी देखभाल कर रही है। दोनों सांसदों का रक्तचाप सामान्य हो गया है। मुकेश राजपूत के सिर में भारी पन व चक्कर की शिकायत है। वहीं प्रताप चंद्र सारंगी को पुरानी दिल की बीमारी है। सांसदों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें चोट व दूसरे कारणों का पता चला है। डॉक्टर उसे देख रहे हैं। माथे पर चोट के कारण घाव भरने में अभी कुछ समय लग सकता है। आने वाले दिनों में स्थिति के आधार पर डॉक्टर कुछ फैसला ले पाएंगे।
स्पीकर की लिखित अनुमति लेने से पहले दर्ज की एफआईआर
पुलिस व राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा रही कि नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले लोकसभा स्पीकर की लिखित अनुमति नहीं ली गई। हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया एफआईआर दर्ज करने से पहले स्पीकर की मौखिक अनुमति ले ली गई। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस ने लोकसभा स्पीकर को एफआईआर दर्ज की जानकारी दे दी है।

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