DPDP Act: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों का मसौदा जारी, उल्लंघन के लिए दंड का कोई प्रावधान नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 03 Jan 2025 09:58 PM IST

DPDP Act: केंद्र सरकार की तरफ से डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों का मसौदा जारी कर दिया गया है। इस मसौदे की सबसे खास बात ये है कि इसके नियमों के उल्लंघन के लिए दंडात्मक कार्रवाई प्रावधान नहीं है।

केंद्र सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों का लंबे समय से प्रतीक्षित मसौदा जारी किया है, जिसमें उल्लंघन के लिए किसी दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। जानकारी के मुताबिक, सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किए गए मसौदा नियमों पर 18 फरवरी के बाद अंतिम नियम बनाने के लिए विचार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- डीपीडीपी नियमों का मसौदा परामर्श के लिए खुला है। आपके विचार आमंत्रित हैं।

डीपीडीपी अधिनियम के मसौदे में क्या?
मसौदा अधिसूचना में कहा गया है, 'डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (2023 का 22) की धारा 40 की उप-धाराओं (1) और (2) की तरफ से प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार की तरफ से अधिनियम के लागू होने की तिथि को या उसके बाद बनाए जाने वाले प्रस्तावित नियमों का मसौदा, इससे प्रभावित होने वाले सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है।' मसौदा नियमों में डिजिटल डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत व्यक्तियों की सहमति प्रसंस्करण, डेटा प्रसंस्करण निकायों और अधिकारियों के कामकाज से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।मसौदा नियमों पर 18 फरवरी के बाद किया जाएगा विचार
वहीं अधिसूचना में कहा गया है, '...इसके तरफ से यह सूचित किया जाता है कि उक्त मसौदा नियमों पर 18 फरवरी, 2025 के बाद विचार किया जाएगा।' मसौदा नियमों में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत स्वीकृत दंड का उल्लेख नहीं किया गया है। अधिनियम में डेटा के लिए जिम्मेदारों- व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के उद्देश्य और साधन निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार संस्थाओं पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म डेटा के लिए जिम्मेदार
ड्राफ्ट के अनुसार, डेटा के लिए जिम्मेदार को यह जांचने के लिए उचित परिश्रम करना होगा कि बच्चे के माता-पिता के रूप में खुद को पहचानने वाला व्यक्ति वयस्क है और भारत में लागू किसी भी कानून के अनुपालन के संबंध में आवश्यक होने पर पहचान योग्य है। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, डेटा के लिए जिम्मेदारों को इसे केवल उस समय तक रखना होगा जिसके लिए सहमति प्रदान की गई है और उसके बाद इसे हटा देना होगा। ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म डेटा के लिए जिम्मेदारों की श्रेणी में आएंगे। मसौदा नियमों में व्यक्तियों और स्वतंत्र संस्थाओं की सहमति प्रसंस्करण से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं जो डिजिटल डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के तहत सहमति, डेटा के लिए जिम्मेदारों और अधिकारियों के कामकाज का प्रबंधन करेंगे। 

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