MP में 31 जनवरी से होगा बड़ा बदलाव, विभागाध्यक्ष कार्यालयों में E-Office System होगा लागू

मध्यप्रदेश में ई-ऑफिस व्यवस्था 31 जनवरी 2025 तक सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों में और 31 मार्च 2025 तक जिला कार्यालयों में लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय ने ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई है। वित्त विभाग ने बजट प्रस्ताव ऑनलाइन अनिवार्य किए हैं। प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी जा रही है।

By Neeraj Pandey Edited By: Neeraj Pandey Publish Date: Sun, 12 Jan 2025 09:57:35 PM (IST) Updated Date: Sun, 12 Jan 2025 09:57:35 PM (IST)

HighLights

  1. 31 मार्च 2025 तक जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस अनिवार्य।
  2. मुख्य सचिव कार्यालय ने भौतिक फाइलें लेना बंद किया।
  3. वित्त विभाग बजट प्रस्ताव ऑनलाइन स्वीकार कर रहा है।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मंत्रालय में भले ही पूरी तरह से ई-ऑफिस व्यवस्था अभी लागू न हो पाई है पर 31 जनवरी तक इसे विभागाध्यक्ष कार्यालयों में लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च तक यह व्यवस्था जिला कार्यालयों में लागू की जाएगी।

उधर, मुख्य सचिव कार्यालय ने भौतिक रूप से फाइल लेना बंद कर दिया है। मंत्रालय में धीरे-धीरे ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी फाइलें इसी माध्यम से बढ़ाई जा रही हैं लेकिन अभी व्यवस्था पूरी तरह नहीं बन पाई है।

महत्वपूर्ण फाइलों को भौतिक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, मुख्य सचिव कार्यालय केवल ई-ऑफिस प्रणाली से आने वाली फाइलों को ही ले रहा है। वित्त विभाग भी बजट के सभी प्रस्ताव ऑनलाइन ही स्वीकार कर रहा है।

ई-ऑफिस के लिए तकनीकी सहायता

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण दिए जाने के बाद भी यदि ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में कोई परेशानी आ रही है तो तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

विभागाध्यक्षों कार्यालयों से विभाग को भेजे जाने वाले प्रस्ताव अभी भौतिक रूप से भेजे जा रहे हैं। 31 जनवरी 2025 तक वहां भी ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी जाएगी। 31 मार्च तक सभी जिला कार्यालयों में यह प्रणाली लागू होगी।


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