नई दिल्ली. वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर माहौल गर्म है. सरकार कल यानी 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेगी. इस बीच वक्फ विधेयक को लेकर बयानबाजी जारी है और एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया.
वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि शुरू से ही विपक्ष झूठ बोल रहा है. बैठक में वे अच्छी बातें करते थे और बाहर आकर कहते थे कि वे बिल का विरोध करते हैं. अगर वे सहमत होने के लिए तैयार नहीं हैं और मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं, तो वे वही कर रहे हैं, जो उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के समय किया था. हमारी बैठकें कुल 118 घंटे चलीं. विपक्ष को अपने विचार रखने का पूरा मौका मिला. क्या शरिया कहता है कि कोई मस्जिद में विरोध कर सकता है? ओवैसी, अखिलेश और कांग्रेस पार्टी को हमारी रिपोर्ट पढ़ने दें और मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे मुझे बताएं कि क्या कोई खंड वक्फ के पक्ष में नहीं है.
उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला कह रहे हैं कि यह विधेयक एक धर्म को निशाना बना रहा है, लेकिन उन्होंने नमाज और रमजान के समय राजनीति करने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की निंदा नहीं की. क्या सिफऱ् वही शरिया जानते हैं? विधेयक लाने से पहले जेपीसी ने जम्मू-कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक और अन्य सहित सभी पक्षों की बात सुनी थी. यह एक ऐसा पारदर्शी विधेयक है जिससे गरीब मुसलमानों को फायदा होगा. मैं विपक्ष से कहना चाहता हूं कि अगर वे गरीब मुसलमानों के पक्ष में हैं, तो उन्हें इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए.