कैबिनेट बैठक में लिया फैसला, सातवें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा गृह भाड़ा भत्ता
भोपाल। प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होगी। नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए यह सेवा शुरू की जा रही है। वहीं सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल निर्माण की मंजूरी दी है। इसके अलावा सरकार ने कर्मचारियों को सातवें वेतन के हिसाब से गृह भाड़ा भत्ता और परिवहन भत्ता देने का फैसला लिया है।
सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा“ प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत ैच्टे गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा।
जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन को स्वीकृति
मंत्री ने बताया कि त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
सरकारी कर्मचारियों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का फैसला
विजयवर्गीय ने बताया कि शासकीय सेवकों को वर्तमान में देय विभिन्न भत्तों का पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई। शासकीय सेवकों को वर्तमान में देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण के फलस्वरूप राज्य शासन पर अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार लगभग 1500 करोड़ रूपये आयेगा। शासकीय सेवकों के लिये सातवें वेतनमान में देय मूल वेतन के आधार पर । श्रेणी के नगरों के लिए 10 प्रतिशत, ए श्रेणी के नगरों के लिए 7 प्रतिशत, बी और सी श्रेणी के नगरों के लिए 5 प्रतिशत के आधार पर गृह भाडा भत्ता प्रदान किया जाएगा। वहीं दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, मील भत्ता, ठहरने की पात्रता, प्रदेश के बाहर यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन, स्थानांतरण पर घरेलू समान का परिवहन एवं स्थानांतरण अनुदान, स्थायी यात्रा भत्ता में मूल्य सूचकांक के आधार पर वृद्धि, की जायेगी। इसके साथ ही अतिरिक्त कार्य के लिए दोहरा भत्ता, राज्य शासन के पात्र चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों को दिये जाने वाला अव्यवसायिक भत्ता, सचिवालयीन भत्ता एवं मंत्रालयीन अधिकारियों के लिए विशेष भत्ता की स्वीकृति दी गयी है। इसके साथ ही शासकीय सेवकों की मृत्यु पर परिवार को देय अनुग्रह अनुदान वर्तमान में निर्धारित पात्रता का 2.57 गुणक के आधार पर अधिकतम 1 लाख 25 हजार रूपये तक दिया जाएगा।
कामकाजी महिलाओं के हास्टल निर्माण
विजयवर्गीय ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए केंद्र सरकार से 284 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। यह हॉस्टल करीब पांच हजार से अधिक महिलाओं के लिए बनेगा और इसका निर्माण शीघ्र ही शुरू होगा। इस फैसले से प्रदेश की कामकाजी महिलाओं को आवास की बेहतर सुविधा मिलेगी। ये हॉस्टल पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, विक्रम उद्योगपुरी, झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम् में स्वीकृत किए गए हैं।
इंदौर में आयोजित होगा आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इंदौर में एक बड़ा प्ज् सेक्टर कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 27 अप्रैल को होगा, जिसमें देश और विदेश की 200 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्यप्रदेश के प्ज् क्षेत्र को वैश्विक मान्यता दिलाना और नए निवेश को आकर्षित करना है।
सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को अवगत करवाया कि प्रदेश में निर्मित एवं निर्माणाधीन समस्त सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी में ’स्कूल चलें हम’ अभियान के अंतर्गत एक अप्रैल से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर इसकी घोषणा की थी। इसके बाद कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मोहर लगाई।