नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत चिकित्सा शिक्षकों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 अप्रैल से प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल एक माह के लिए स्थगित कर दिया है। यह निर्णय प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (पीएमटीए) की ऑनलाइन बैठक में लिया गया।
एसोसिएशन ने यह कदम अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अशोक बर्णवाल के साथ हुई चर्चा और उनके द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद उठाया है।
10 मई तक का दिया समय, 21 अप्रैल से होनी थी हड़ताल

पीएमटीए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया ने बताया कि आठ अप्रैल को अपर मुख्य सचिव बर्णवाल के साथ मांगों को लेकर चर्चा हुई थी। एसीएस ने शिक्षकों की सभी 12 मांगों पर विचार करने और उनके समयबद्ध निराकरण का भरोसा दिलाया है।
विभाग ने मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसे देखते हुए शिक्षकों ने शासन को समय देने का मन बनाया है। प्रदेश के सभी 18 चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आंदोलन को 10 मई 2026 तक के लिए टाल दिया जाए।
मांगों पर कार्रवाई न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी
महासचिव डॉ. अशोक ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर संतोषजनक कार्यवाही या आदेश जारी नहीं होते हैं, तो एसोसिएशन अपनी आगामी रणनीति पर पुनः विचार करेगा और आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
गौरतलब है कि मेडिकल टीचर्स पिछले दो वर्षों से अपनी 12 सूत्रीय मांगों के निराकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन मांगों में समयबद्ध पदोन्नति, वेतन विसंगतियां और अन्य प्रशासनिक सुधार शामिल हैं। बैठक में कोषाध्यक्ष डॉ. प्रवीण बघेल सहित प्रदेश भर के मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) के सदस्य शामिल हुए।