क्या समीकरण बदले?: US-ईरान शांति समझौते के बाद जिनेवा में कल से मंथन, अमेरिकी दल पहुंचा; अराघची पर संशय बरकरार

पीटीआई, इस्लामाबाद। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 20 Jun 2026 08:41 PM IST
 

लेबनान में जारी इस्राइली हमलों से नाराज ईरान ने अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। होर्मुज को बंद करने के बाद ईरान अब स्विट्जरलैंड में अमेरिकी अधिकारियों के साथ आर-पार की बातचीत करने जा रहा है, जिसमें परमाणु डील और सीजफायर की शर्तें दांव पर हैं। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस वार्ता की पुष्टि कर दी है। 

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अमेरिका-ईरान शांति समझौता - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने वाली है। दोनों देशों में एक अंतरिम समझौता होना है। इसी मुद्दे पर रविवार से तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। यह बैठक स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में रखी गई है। पाकिस्तान इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान ने ही इस बैठक की जानकारी दी है। इस बातचीत में कतर के मध्यस्थ भी शामिल हो रहे हैं।
अमेरिकी कूटनीतिज्ञ स्विट्जरलैंड पहुंचे
इस बातचीत को लेकर अमेरिका बहुत गंभीर है। वाशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शनिवार को एक बड़ी बात कही। उन्होंने पुष्टि की कि अमेरिका के शीर्ष वार्ताकार स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। इन वार्ताकारों में जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। ये दोनों अधिकारी वहां लगातार काम कर रहे हैं। वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े तकनीकी विवरणों को देख रहे हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस खुद जाएंगे स्विट्जरलैंड
इस मामले में अमेरिकी उपराष्ट्रपति खुद नजर रख रहे हैं। जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे भी अगले कुछ दिनों में स्विट्जरलैंड जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी बातचीत में तालमेल बिठाना आसान नहीं होता। यह हमेशा एक बेहद संवेदनशील काम होता है। अब सभी की नजरें रविवार को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं।
 
कूटनीति के जरिए शांति की कोशिश
इस बैठक को दुनिया के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका का विवाद काफी पुराना है। इस अंतरिम समझौते से दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है। पाकिस्तान और कतर मिलकर इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि रविवार की यह तकनीकी बातचीत सफल रहती है, तो आगे का रास्ता साफ हो जाएगा। पूरी दुनिया को इस बैठक से बड़ी उम्मीदें हैं।



सीजफायर उल्लंघन पर भड़का ईरान 
हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच हुआ शांति समझौता एक बार फिर संकट में घिर गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की बड़ी घोषणा के तुरंत बाद ईरान ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ किया है कि देश का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आपातकालीन बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड जाएगा। ईरान ने अमेरिका के साथ डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन की शर्तों को पूरी तरह लागू करने की मांग की है। यह तीखी प्रतिक्रिया संघर्ष विराम के बावजूद लेबनान पर जारी इस्राइली हमलों के बाद आई है।

अमेरिका अपनी प्रतिबद्धता निभाने में रहा नाकाम: इस्माइल बकाई
तस्नीम समाचार एजेंसी से बात करते हुए प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी रुख पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते के तहत अपने सभी वादे पूरे किए हैं। अब यह अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वह इस्राइल की सैन्य आक्रामकता पर तुरंत लगाम लगाए। बकाई ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लेबनान में लगातार हो रहा सीजफायर का उल्लंघन पूरे शांति समझौते को गहरे संकट में डालता है। 

'वचन के बदले वचन' पर अड़ा ईरान
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस शांति समझौते को केवल बराबरी और आपसी सम्मान के आधार पर ही आगे बढ़ाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान 'कमिटमेंट फॉर कमिटमेंट' यानी वचन के बदले वचन के सिद्धांत पर काम कर रहा है। शर्तों के किसी भी उल्लंघन का ईरान की तरफ से समान और कड़ा जवाब दिया जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की ओर से बुधवार को डिजिटल रूप से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद, शुक्रवार को होने वाली निर्धारित वार्ता को स्थगित कर दिया गया था। तब इस यात्रा की तत्काल आवश्यकता नहीं समझी गई थी, लेकिन अब जमीनी हालात बदल चुके हैं।


स्विट्जरलैंड में राजनयिक हलचल तेज
इस बीच स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते को बचाने के प्रयास जारी हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, स्विस राजनयिक दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने के लिए पर्दे के पीछे लगातार सक्रिय हैं। स्विट्जरलैंड ने इस बेहद गोपनीय और संवेदनशील बातचीत के लिए लेक ल्यूसर्न के सुरम्य बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट को चुना है। दूसरी ओर, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं, जहां संभावित परमाणु समझौते पर पहले दौर की बातचीत होनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार और दामाद जारेड कुशनर पहले ही वहां पहुंच चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शनिवार को स्विट्जरलैंड पहुंच सकते हैं, हालांकि जमीनी हालातों को देखते हुए उनके यात्रा कार्यक्रम में बदलाव भी संभव है।

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