इंजीनियरिंग में घटा छात्रों का रुझान: 61 हजार सीटों पर सिर्फ 31 हजार रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग का आज आखिरी मौका

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 28 Jun 2026 11:39 AM IST

प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। 67,037 सीटों के मुकाबले अब तक केवल 31,247 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है, जबकि 21,777 ने चॉइस फिलिंग पूरी की है। चॉइस फिलिंग का आज आखिरी दिन है। पहले चरण का सीट आवंटन 3 जुलाई को होगा।

Declining interest in engineering: Only 31,000 registrations for 61,000 seats; today is the last chance for ch

आरजीपीवी भोपाल - फोटो : अमर उजाल

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प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले को लेकर उत्साह अभी भी अपेक्षा से कम नजर आ रहा है। 125 इंजीनियरिंग कॉलेजों की 67,037 सीटों के मुकाबले पहले चरण की काउंसलिंग में अब तक केवल 31,247 अभ्यर्थियों ने ही पंजीयन कराया है। इनमें से 21,777 विद्यार्थियों ने चॉइस फिलिंग पूरी की है। तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने चॉइस फिलिंग की अंतिम तिथि 28 जून रात 11:45 बजे निर्धारित की है। पहले राउंड का सीट आवंटन 3 जुलाई को होगा। पहले चरण में प्रवेश केवल जेईई रैंक के आधार पर दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरे चरण के लिए भी पंजीयन जारी है, जिसमें 12वीं के अंकों के आधार पर भी प्रवेश मिलेगा। दूसरे चरण में अब तक 7,055 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
डिप्लोमा इंजीनियरिंग में बेहतर रुझान
डिप्लोमा इंजीनियरिंग में दूसरे चरण की काउंसलिंग चल रही है। अब तक 24,165 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है, जबकि दोनों चरणों को मिलाकर 24,364 चॉइस फिलिंग हो चुकी है। पहले चरण में 7,412 विद्यार्थियों को प्रवेश मिल चुका है। वहीं एमटेक में अब तक केवल 79 आवेदन आए हैं और इनमें से 17 विद्यार्थियों ने चॉइस फिलिंग की है।
बीसीए और बीबीए में भी प्रवेश प्रक्रिया जारी
प्रदेश के 157 कॉलेजों में बीसीए की 15,444 सीटों के लिए 5,442 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है और 4,238 ने चॉइस फिलिंग की है। पहले चरण में 4,227 सीटों का आवंटन किया जा चुका है। बीबीए के 227 कॉलेजों की 31,712 सीटों के लिए 10,428 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। इनमें 5,860 ने चॉइस फिलिंग की, जबकि पहले चरण में 8,557 सीटों का आवंटन हुआ
तीन साल के लिए फीस तय
प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति ने विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की आगामी तीन वर्षों की फीस निर्धारित कर दी है। इंजीनियरिंग की वार्षिक फीस 40 हजार रुपये, डिप्लोमा इंजीनियरिंग 30 हजार रुपये, फार्मेसी 62 हजार रुपये और एमटेक 60 हजार रुपये तय की गई है। वहीं बीएड पाठ्यक्रम के लिए फिलहाल 32 हजार रुपये की प्रोविजनल फीस लागू की गई है। जानकारी के मुताबिक इस बार फीस निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से कॉलेजों से शिक्षकों, आधार, बैंक विवरण, सुविधाओं और संबद्धता सहित विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। समय पर पूरी जानकारी नहीं मिलने के कारण बीएड कॉलेजों के लिए फिलहाल अस्थायी फीस तय की गई है, जिसे दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संशोधित किया जा सकता है।

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