
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपी में सपा की सरकार आने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा केवल तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है। अखिलेश जी, आपमें हिम्मत नहीं है। आप तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई ऐसा एजेंडा नहीं रखते जो प्रदेश के विकास, अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को मजबूत करने का हो। जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए। 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में है और उसे किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस ने संविधान का गला घोंटा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि देश में संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर की थी। कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का गला घोंटा था। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और कल्याण सिंह जैसे तमाम नेताओं को कांग्रेस सरकार ने जेल में बंद कर दिया था ताकि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस का विरोध न कर सकें। एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। मुलायम सिंह यादव का भी कांग्रेस ने अपमान किया था और उन्हें जेल भेजा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास केवल वहीं संभव है, जहां सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मजबूत वातावरण हो। तीनों विधानसभा क्षेत्रों को लगभग 548 करोड़ रुपये की परियोजनाएं उपहार स्वरूप मिली हैं, जिसके लिए सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देता हूं। सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास की आशा और आकांक्षाएं पूरी होती हैं। जहां दंगे, उपद्रव और बार-बार कर्फ्यू लगता हो, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की यही स्थिति थी। कौन-सा ऐसा जिला था, जहां दंगे नहीं हुए। मथुरा के जवाहरबाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। हर दूसरे-तीसरे महीने कर्फ्यू लगता था, व्यापार ठप हो जाता था, नौजवानों को रोजगार से हाथ धोना पड़ता था और प्रदेश की छवि पूरे देश में खराब होती थी।