राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: सुबूत डिलीट, फोन फॉर्मेट, रकम ठिकाने लगाने को किया ये काम; मिले चौंकाने वाले तथ्य

सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 28 Jun 2026 07:33 AM IST

Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर में चढ़ाना चोरी के मामले की जांच में रोज नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब सामने आया है कि आरोपियों ने सुबूत डिलीट कर दिए थे। रकम ठिकाने लगाने की कोशिश की थी।  पुलिस की जांच में पोल खुलने लगी है। कार्रवाई का अंदेशा होते ही आरोपी खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

ram mandir - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। टिन्नू यादव व अन्य आरोपियों ने मोबाइल से तमाम सुबूत नष्ट कर दिए थे। वहीं रकम ठिकाने लगाने की जद्दोजहद में जुटे थे। इसके लिए उनको काफी मौका भी मिला। खासकर टिन्नू को जो घटना के कई दिनों तक खुलेआम घूमता रहा था। अब सभी परतें खुल रही हैं। एसआईटी जांच में भी ये तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम को एफआईआर दर्ज की थी। शुक्रवार को आरोपी टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश, अवनीश शुक्ला व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल खंगाले तो पता चला कि तमाम डाटा गायब है।  

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खासकर व्हाट्सअप आदि का। यहां तक कि कई ने अपने मोबाइल फोन फॉर्मेट तक कर दिए थे जिससे वह पकड़े न जाएं और पकड़े जाएं तो बचने की संभावना रहे। चूंकि आरोपियों ने बड़ी रकम पार की थी इसलिए अब वह उसको ठिकाने लगाने में जुटे थे।  

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके लिए उनको काफी समय भी मिला था। क्योंकि मामले का खुलासा छह जून को हुआ था और छह दिनों तक ट्रस्ट के पदाधिकारी ही जांच पड़ताल करते रहे थे। इस दौरान आरोपी किसी तरह से बचने की फिराक में लगे थे। अब पुलिस पूरे सुबूत जुटा रही है। ये सभी तथ्य एसआईटी की भी जांच में आए हैं। जिनको पुलिस ने अपनी विवेचना में शामिल किया है।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

राम मंदिर में प्रवेश करती एसआईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ
मामले में बैंक अधिकारी व कई कर्मचारी भी रडार पर हैं। उनकी गणना प्रक्रिया में प्रमुख जिम्मेदारी रहती थी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इन सभी से पूछताछ शुरू कर दी है। जो सुबूत मिले हैं, उनकी तस्दीक की जा रही है। जल्द इनमें से कई गिरफ्तार किए जाएंगे।
 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
आरोपियों से जुड़े 30 से अधिक लोग रडार पर
टिन्नू एंड गैंग ने मंदिर में पूरा जाल फैला रखा था। जो चाहते थे वही करते थे। कोई भी रोकने टोकने वाला नहीं था। उनके संपर्क के करीब तीस लोग पुलिस की रडार पर हैं। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

फुटेज कब्जे में लिए
पुलिस ने सभी सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए हैं। इसमें आरोपी चोरी करते हुए कैद हुए हैं। ये सभी जब चोरी करते थे तो ग्रुप बनाकर करते थे। एक दो लोग रकम पार करते थे अन्य लोग उसको घेरकर खड़े हो जाते थे। जिससे वह कैमरे में न दिखें। लेकिन, यही सबसे बड़ा सुबूत बन गया। कैमरों की नजर से वह बच नहीं पाए। रकम पार करते, उसको रखते, बाहर निकलते सभी फुटेज मौजूद हैं।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

पुलिस की जांच पीछे
एफआईआर के बाद बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है कि चढ़ावा कब से उड़ाया जा रहा था। पुलिस जांच इसका सटीक जवाब देने की स्थिति में नहीं है। वजह यह है कि केवल 45 दिन की फुटेज ही उपलब्ध हो सकी है।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

एसआईटी जांच... किसी की 50 तो किसी की 100 गुना बढ़ गई हैसियत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। आरोपियों की संपत्तियों और रहन-सहन का ब्योरा जुटाया गया है। इसमें कइयों की हैसियत 50 से 100 गुना तक बढ़ी पाई गई है। एसआईटी ने इसी असामान्य वृद्धि को जांच का आधार बनाया है। 

 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

आरोपियों के साथ-साथ ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की संपत्तियां भी अचानक बढ़ी हैं। ये सभी अब जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस ने अब तक की कार्रवाई एसआईटी की रिपोर्ट पर की है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल किए हैं।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

इन साक्ष्यों से आरोपियों की पहचान की गई है। टिन्नू, अनुकल्प, लवकुश और सुभाष की हैसियत से अधिक संपत्ति मिली है। उनकी जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव आया है। टिन्नू और कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों की संपत्ति 100 गुना तक बढ़ी है। उन्होंने श्री राम मंदिर से जुड़ने के बाद जमीन, प्लॉट और हॉस्टल जैसे निर्माण कराए हैं। 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

वेतन 18-20 हजार, खर्च किए लाखों
कुछ महीने पहले अनुकल्प मिश्र ने गांव में एक कथा का आयोजन किया था। एसआईटी जांच में सामने आया कि इस कथा पर आठ से दस लाख रुपये खर्च हुए। इसमें 500 महिलाओं को साड़ियां भी बांटी गई। अनुकल्प मिश्र का मासिक वेतन 18 से 20 हजार रुपये था। इतनी कम आय में इतना बड़ा आयोजन कई सवाल खड़े करता है।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

आपसी विवाद से खुला खेल
एसआईटी की जांच से पता चला है कि आरोपियों में रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। यह विवाद बढ़ने पर किसी ने शिकायत कर दी। इससे पूरा मामला उजागर हो गया। चूंकि यह मामला श्री राम मंदिर से जुड़ा था, इसलिए ट्रस्ट के पदाधिकारी इसे दबाने की कोशिश में थे।

 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

नई जनहित याचिका पर सुनवाई 29 को
लखनऊ। चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित एसआईटी से कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में नई जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर 29 जून को सुनवाई संभावित है। 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

लंबी फजीहत के बाद आखिरकार चंपत राय और अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा
श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में सवालों के घेरे में चल रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को इस्तीफा सौंपा। एसआईटी चढ़ावा चोरी प्रकरण में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

ट्रस्ट ने कहा-आभूषण और चढ़ावा पूरी तरह सुरक्षित
ट्रस्ट की अगली बैठक 11 जुलाई को होनी है, जिसमें नए महासचिव और सदस्य चुनने पर चर्चा हो सकती है। इस बीच, चोरी का मामला खुलने के 21वें दिन ट्रस्ट ने कहा, भगवान राम को अर्पित एक-एक पाई और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर आठ आरोपियों पर केस दर्ज कर जेल भेजा गया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने आधिकारिक बयान में कहा कि हम श्रीराम मंदिर को लेकर पिछले कुछ दिनों से सामने आई घटनाओं से स्तब्ध, आहत और गहरे दुख में हैं। 

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

हम निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि दुनियाभर के करोड़ों राम भक्तों की आस्था और विश्वास को बहाल किया जा सके। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो गए हैं। ट्रस्ट अगली बैठक में इस पर विचार-विमर्श करेगा और अंतिम फैसला लेगा।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

चढ़ावा चोरी मामला उजागर होने के बाद आठ जून को चंपत राय ने वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने सबकुछ ठीक होने का दावा किया था, पर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, उनके बयान की धज्जियां उड़ती गई। सबकुछ झूठ साबित हुआ, क्योंकि करोड़ों का खेल उजागर हो चुका था। ट्रस्टी विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी ने बताया, ट्रस्ट की 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस्तीफे पर अंतिम फैसला लेने के साथ ही कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

दोषियों को कठोर दंड दिलाएंगे
ट्रस्ट ने कहा, दोषियों को कठोर दंड दिलाया जाएगा। यह भी कहा गया कि असामाजिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने के प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से भ्रामक और निराधार अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि सत्य की जीत होगी।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

चांदी की ईंटें व आभूषण सुरक्षित, हिसाब भी मौजूद
एक सिंधी संगठन ने चांदी की दो सौ ईंटें, विश्वकर्मा परिवार ने चरण पादुका व हार दान करने की बात कहते हुए बताया था कि उनको रसीद नहीं दी गई। अंदेशा जताया था कि ये सभी चीजें गायब कर दी गईं। कई और मामले भी सामने आए थे। इस पर भी ट्रस्ट ने दावा किया है कि चांदी की ईंटें व अन्य आभूषण हिसाब के साथ सुरक्षित हैं।

Ram Mandir Donation Theft Case: Evidence Deleted Phones Formatted Money Allegedly Hidden

तीनों सवालों के घेरे में, पर गोपाल का अब तक इस्तीफा नहीं
मंदिर प्रबंधन से जुड़ा प्रत्येक कार्य चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव देखते थे। मंदिर निर्माण, दान राशि जैसे अहम कार्य में पूरा दखल इन्हीं का रहता था। इनकी नाक के नीचे इतना बड़ा हेरफेर हुआ और करोड़ों रुपये पार हो गए, इन्हें भनक तक नहीं, यह यकीन करना मुश्किल है। इसलिए तीनों सबसे अधिक सवालों से घिरे हैं। अब तक गोपाल ने खुद इस्तीफा नहीं दिया, न ही कोई कार्रवाई की गई है।

Leave Comments

Top