रोशनपुरा बना 'जंतर-मंतर', भोपाल की सड़कों पर किसानों का डेरा, CM हाउस तक मार्च की तैयारी

Written by: चैतन्य सोनी|नवभारतटाइम्स.कॉम29 Jul 2026, 10:30 pm IST

Bhopal Farmer Protest: दिल्ली के बाद भोपाल का रोशनपुरा जंतर-मंतर में तब्दील हो गया है। तीन दिन से चल रहे किसान आंदोलन में तमाम बैरिकेडिंग तोड़कर किसान सीएम हाउस की तरफ बढ़ रहे हैंं। सरकार से दो राउंड की बैठक बेनतीजा रहने के बाद अब किसानों ने सीएम हाउस का गेट तोड़कर अंदर घुसने की चेतावनी दी है...

हाइलाइट्स

सरकार और किसान संगठनों के बीच दो घंटे की वार्ता बेनतीजा रही
हजारों किसानों ने भोपाल के रोशनपुरा और न्यू मार्केट इलाके में डेरा डाल दिया
सीएम हाउस घेरने की चेतावनी के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है
Bhopal

भोपाल में रोशनपुरा चौराहे पर किसानों का डेरा जम गया है

भोपाल: NEET Protest और जंतर-मंतर जैसा नजारा अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नजर आ रहा है। हजारों की संख्या में किसान सीएम हाउस से चंद किलोमीटर दूर रोशनपुरा चौराहा और राजधानी की धड़कन न्यू मॉर्केट को घेरकर बैठे हैं। यहां सीएम और सरकार के मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं। सरकार से दो राउंड की बैठक बेनतीजा रही है। सीएम हाउस सहित राजधानी में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी समेत कई मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। सरकार के साथ करीब दो घंटे चली वार्ता बेनतीजा रहने के बाद हजारों किसानों ने राजधानी भोपाल के रोशनपुरा और न्यू मार्केट इलाके में डेरा डाल दिया। किसान संगठनों ने सीएम हाउस का घेराव करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सरकार-किसानों की वार्ता बेनतीजा

बुधवार देर शाम मंत्रालय में किसान संगठनों के करीब 15 प्रतिनिधियों, प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच लगभग दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक में किसानों ने अपनी मांगों पर स्पष्ट निर्णय की मांग की, जबकि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

रोशनपुरा से न्यू मार्केट तक किसानों का डेरा

वार्ता विफल होने के बाद हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ रोशनपुरा चौराहा, न्यू मार्केट और आसपास के इलाकों में पहुंच गए। नेहरू प्रतिमा के पास किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़कों, डिवाइडरों और चौराहों पर बड़ी संख्या में किसान डेरा डाले हुए हैं।

कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में खाने-पीने का सामान, तिरपाल, बिस्तर, लकड़ियां और अन्य जरूरी सामग्री भी लेकर पहुंचे हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि आंदोलन लंबे समय तक चल सकता है।

CM हाउस घेरने की चेतावनी

किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सीएम हाउस का घेराव करेंगे। कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो बैरिकेडिंग और गेट तोड़कर भी आगे बढ़ेंगे।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से देर रात तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

स्थिति को देखते हुए सीएम हाउस के आसपास करीब एक किलोमीटर के दायरे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है, जबकि बसों और डंपरों को खड़ा कर रास्तों को बंद किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में प्रदर्शनकारी सीएम हाउस तक न पहुंच सकें।

19 किसान संगठन आंदोलन में शामिल

इस आंदोलन में करीब 19 किसान संगठन शामिल हैं। इनमें भाजपा से जुड़े कुछ किसान संगठन भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा सीजेपी के अभिजीत दीपके ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।

शिवराज का पत्र भी चर्चा में

इसी बीच सोशल मीडिया पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखा गया एक पत्र वायरल हो रहा है। सूत्रों के अनुसार पत्र में उल्लेख है कि केंद्र सरकार ने मूंग खरीदी के लिए 25 प्रतिशत तक स्वीकृति दी है, जबकि इससे अधिक खरीदी का निर्णय और खर्च राज्य सरकार अपने स्तर पर कर सकती है। हालांकि, इस पत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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