अमेरिका में भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति जताई है। दूतावास ने स्पष्ट कहा कि 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसा कोई क्षेत्र नहीं है, केवल 'पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)' है। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं
न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर भारत ने क्या कहा?
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है। दूतावास ने कहा कि 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसी कोई इकाई मौजूद नहीं है, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भारत का क्या रुख है?
दूतावास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है और अब वहां के लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
PoK में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र आकलनों के हवाले से बताया गया है कि जून की शुरुआत से लेकर हालिया हिंसा तक प्रदर्शनकारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों सहित कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है
रिपोर्ट के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी नामक संगठन पिछले महीने से तथाकथित क्षेत्रीय विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद की सरकार बनाने के लिए किया जाता है।
भारत ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर क्या कहा?
भारत का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी जनआंदोलन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मूल अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का ही हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।