377 सरकारी कॉलेजों में लगेंगे सोलर रूफटॉप, बिना पैसा खर्च किए मिलेगी बिजली

रेस्को मोड पर स्थापित होंगे सौर संयंत्र, आठ दिन में सर्वे पूरा करने के निर्देश
भोपाल।प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी कॉलेज जल्द ही पूरी तरह सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। राज्य सरकार की इस पहल से कॉलेजों को न केवल निर्बाध और पर्यावरण-अनुकूल बिजली मिलेगी, बल्कि उनका बिजली बिल भी काफी कम हो जाएगा। खास बात यह है कि इन संयंत्रों की स्थापना के लिए कॉलेजों को अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
नवीनीकरण ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस अनुपम राजन को पत्र भेजकर परियोजना की रूपरेखा साझा की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत प्रदेश भर में कुल 377 किलोवाट क्षमता के शासकीय कॉलेज भवनों पर रेस्को मोड में सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेस्को मोड के तहत निजी डेवलपर संयंत्र का पूरा खर्च उठाएंगे। संस्थाओं को केवल उत्पादित बिजली की तय दर पर भुगतान करना होगा, जो विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की मौजूदा दरों से काफी सस्ती होगी।
त्रिपक्षीय समझौता
सर्वे कार्य पूरा होने के बाद आहरण एवं संवितरण अधिकारी, चयनित रेस्को डेवलपर और मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के बीच एक त्रिपक्षीय पावर पर्चेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी कर जिलावार दरें तय कर दी गई हैं। लेटर ऑफ अवार्ड जारी होने के आठ दिनों के भीतर डेवलपर को भवनों का सर्वे कार्य पूरा करना होगा।
जिला प्रमुखों को दिए गए सख्त निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग ने अपने सभी जिला प्रमुखों और कॉलेज प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे रेस्को डेवलपर्स को सर्वे कार्य के लिए भवनों और छतों तक सुगम पहुंच प्रदान करें। साथ ही, यदि सूची में कोई सरकारी कॉलेज भवन छूट गया है, तो उसे तत्काल इस योजना में शामिल कराने के लिए संबंधित डेवलपर को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था से प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों पर वित्तीय बोझ कम होगा और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
 


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