हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित

भोपाल। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हो गए हैं। राज्यसभा की इस सीट पर उपचुनाव के लिए दाखिल दो अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पुरी ही एकमात्र उम्मीदवार रह गए थे। गुरुवार को नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होते ही उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी मौजूद रहे। आज नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।
गौरतलब है कि हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। तीन नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस नेताओं और निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को खारिज करते हुए पुरी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया था। वहीं, अन्य दो उम्मीदवारों राजकुमार लोहानी और कांटे सयन्ना के नामांकन पत्र नियमों के तहत खारिज कर दिए गए थे। कांटे सयन्ना का नामांकन प्रस्तावकों के अनिवार्य हस्ताक्षर नहीं होने के कारण निरस्त किया गया। नियमानुसार नामांकन के लिए विधानसभा के 10 प्रतिशत निर्वाचित सदस्यों या 10 निर्वाचित सदस्यों, जो भी संख्या कम हो, के हस्ताक्षर आवश्यक थे। इसी तरह राजकुमार लोहानी निर्धारित समयसीमा यानी दो नवंबर को दोपहर तीन बजे तक अनिवार्य फॉर्म-26 का शपथपत्र जमा नहीं कर पाए थे। इसके चलते उनका नामांकन भी निरस्त कर दिया गया था।
अप्रैल 2030 तक रहेगा कार्यकाल
हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही मध्य प्रदेश से राज्यसभा की रिक्त सीट भर गई है। राजनीतिक दृष्टि से भी भाजपा के लिए यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे पुरी अब संसद के उच्च सदन में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके निर्वाचन से प्रदेश की राज्यसभा राजनीति में भाजपा की स्थिति को और मजबूती मिली है।
 


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