पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार को घेरा है। रविवार को 'दीदी' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जबरदस्त प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मोदी-शाह के कहने पर बंगाल चुनाव के लिए बख्तरबंद गाड़ियां आ गईं, लेकिन पाकिस्तान-परस्त आतंकी पहलगाम में घुसकर 26 बेगुनाहों को मार गए, तब ये सुरक्षा कहां थी?
सुरक्षा बलों की तैनाती पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के भविष्य का फैसला भाजपा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले दिल्ली और पहलगाम की स्थिति सुधारनी चाहिए। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि जब पाकिस्तान ने पहलगाम में हमला किया था, तब वहां अतिरिक्त बल क्यों नहीं भेजी गई? वहां सुरक्षा के नाम पर एक पुलिसकर्मी तक मौजूद नहीं था, लेकिन बंगाल चुनाव में हमारे खिलाफ दो लाख पुलिसवाले भेज दिए गए। कश्मीर में सेना की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली बख्तरबंद गाड़ियां भी यहां लाई गई हैं। केंद्रीय बलों और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि चार तारीख के बाद ये लोग वापस चले जाएंगे और तब यहां की जनता और हम ही साथ होंगे। तब हम ही आपको चाय-मिठाई खिलाएंगे और आपके परिवार का ख्याल रखेंगे। 'भाजपा लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही'
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के बयान पर भी पलटवार किया। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने कहा था कि बंगाल में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। इस पर 'दीदी' ने कहा कि भाजपा केवल अफवाह फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक खास पार्टी के प्रति वफादार पुलिस अधिकारियों को चुनाव की निगरानी के लिए लाया गया है। महिला मतदाताओं से सीएम 'दीदी' की विशेष अपील
रैली के दौरान ममता ने महिलाओं से मतदान और मतगणना के समय सतर्क रहने की अपील की। ममता ने कहा, 'याद रखें, केंद्रीय बल भी चुनाव आयोग के निर्देश पर काम करेंगे। इसलिए मतदान के बाद दो दिनों तक खाना बनाने की चिंता छोड़कर मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों पर कड़ी नजर रखें।'
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव भाजपा के मार्गदर्शन में हो रहे हैं। मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, तब कांग्रेस और वामपंथी दल चुप थे। ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट जाकर 32 लाख नामों को वापस जुड़वाया। इतना ही नहीं, बंगाल की मुख्यमंत्री ने भाजपा पर झुग्गियों में पैसे बांटने और वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा करने की योजना बनाने का भी गंभीर आरोप लगाया।