अमेरिका-सऊदी के हमले में 20 ईराकी नागरिकों की मौत, जॉर्डन पर फिर टूटा ईरान का कहर

वाशिंगटन. अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. अमेरिका का कहना है कि यह अचानक किया गया हमला था, लेकिन उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए जरूरत पडऩे पर किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा. इसमें दोबारा युद्ध शुरू करने का विकल्प भी शामिल हो सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बैठक को व्हाइट हाउस ने सकारात्मक और उपयोगी बताया है. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा की. सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर भेजे गए कई ड्रोन मार गिराए. सऊदी सरकार के मुताबिक ये ड्रोन इराक से ईरान समर्थित समूहों ने लॉन्च किए थे.

ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात के बीच बढ़ा तनाव

ईरान को लेकर बढ़ा यह तनाव ऐसे समय सामने आया है, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के ईरान अभियान के बाद पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आमने-सामने मुलाकात की. व्हाइट हाउस ने दोनों नेताओं के बीच करीब 90 मिनट तक चली बातचीत को सकारात्मक बताया. बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप के साथ यह उनकी अब तक की सबसे बेहतर बातचीतों में से एक रही. उन्होंने कहा कि दोनों नेता इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे.

हूतियों ने सऊदी के टैंकर को बनाया निशाना

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर को निशाना बनाया है. हालांकि सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की. सऊदी सरकार ने इतना जरूर बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश के पूर्वी हिस्से में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर भेजे गए कई ड्रोन को मार गिराया. सऊदी अरब का आरोप है कि ये ड्रोन इराक में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों की ओर से भेजे गए थे.

ईराकी पीएम ने सऊदी की यात्रा टाली

इराक के प्रधानमंत्री की सऊदी अरब की प्रस्तावित यात्रा को टाल दिया गया है. इराकी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री अली अल-जैदी का गुरुवार को होने वाला दौरा अब बाद में होगा. अली अल-जैदी सऊदी अरब में कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले थे. इसके अलावा दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा होनी थी. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल ही में अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से किए गए संयुक्त हमलों में इराक के कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हो गई. इस हमले में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं.

बहरीन ने सऊदी पर हुए हमलों की निंदा की

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है. मंत्रालय ने कहा कि ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए ये हमले क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं. बहरीन ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की घटनाएं पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिशों को कमजोर करती हैं और शांति स्थापित करने के प्रयासों पर नकारात्मक असर डालती हैं. बहरीन ने यह भी दोहराया कि वह सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और अपनी संप्रभुता, सुरक्षा तथा स्थिरता की रक्षा के लिए सऊदी सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसका पूरा समर्थन करेगा.


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