PM मोदी ने जारी किया नया इंस्टा वीडियो: लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर बोले- पेपर लीक गैंग को बख्शा नहीं जाएगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 30 Jul 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर नया वीडियो जारी कर कहा कि सरकार भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यों के सुझावों को कानून में शामिल किया गया है और पेपर माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पीएम ने इस कानून को क्यों जरूरी बताया? वीडियो में क्या संदेश दिया? आइए, विस्तार से जानते हैं...
PM Modi Releases New Video on Public Examinations Amendment Bill, Says States Suggestions Have Incorporated
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को संसद से मंजूरी मिलने के बाद देशवासियों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दिशा में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कानून को तैयार करते समय राज्यों के सुझावों का भी पूरा ध्यान रखा गया, क्योंकि पिछले कई वर्षों से लगभग सभी राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी समस्या से जूझ रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर माफिया, परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून की जरूरत थी। इसी उद्देश्य से सरकार संसद में यह विधेयक लेकर आई। उन्होंने आगे कहा कि जैसा उन्होंने देश से वादा किया था, वैसे ही पिछले दो दिनों में संसद के दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस विधेयक पर विस्तार से चर्चा की और आज दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया।

पेपर माफिया पर पीएम ने क्या संदेश दिया?

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि पेपर माफिया, पेपर लीक कराने वाले गिरोह और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए कठोर कानून की जरूरत थी। इसी उद्देश्य से सरकार संसद में संशोधन विधेयक लेकर आई। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने देश से जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए संसद के दोनों सदनों ने इस सख्त प्रावधानों वाले विधेयक को पारित कर दिया है।

संसद में क्या हुआ और आगे सरकार का लक्ष्य क्या?

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों तक संसद के दोनों सदनों में इस विधेयक पर विस्तार से चर्चा हुई और अधिकांश सांसदों ने इसमें भाग लिया। इसके बाद दोनों सदनों ने इसे पारित कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश में भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का काम यहीं खत्म नहीं होगा और परीक्षा प्रणाली को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास जारी रहेगा।

देशवासियों से पीएम ने क्या अपील की?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि देश ऐसी परिस्थितियों को लंबे समय तक चलने नहीं देगा, जिनसे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने सभी देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें, ताकि देश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत और भरोसेमंद बन सके।

अमित शाह बोले- छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर करने वाले अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत निवारक साबित होगा और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करेगा। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार ने संसद में यह विधेयक पारित कर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि नया कानून उन लोगों के खिलाफ सबसे कड़ा कदम साबित होगा, जो सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से समझौता कर युवाओं की आकांक्षाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि मेरिट आधारित व्यवस्था की निष्पक्षता से छेड़छाड़ करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि देश के युवा अपने सपनों को ईमानदारी और निष्पक्ष प्रतियोगिता के आधार पर पूरा कर सकें।

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