बेटों के मुकाबले बेटियों को ज्यादा अपना रहे परिवार

   Rajendra Parasar                                                                       बच्चों को  गोद लेने के मामलों में देश में नौवें स्थान पर प्रदेश
भोपाल। प्रदेश में अनाथ, परित्यक्त और बेसहारा बच्चों को नया आशियाना और ममता की छांव देने की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश ने बच्चों को गोद लेने  के मामले में देश भर में 13वें स्थान से सीधे 9वें स्थान पर छलांग लगाई है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (सीएआरए) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बच्चों को गोद लेने की दर में रिकॉर्ड 66 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां प्रदेश में कुल 133 बच्चे गोद लिए गए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 221 तक पहुंच गई। इसमें देश के भीतर गोद लेने के मामले 121 से बढ़कर 207 हुए, जबकि विदेशों में (अंतर्राष्ट्रीय) गोद लेने के मामले 12 से बढ़कर 14 हो गए।
बेटियों पर बरस रहा ज्यादा स्नेह
रिपोर्ट की सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि समाज में बेटियों को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। गोद लिए जाने वाले बच्चों में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या लगातार अधिक बनी हुई है। वर्ष 2025-26 में गोद लिए गए कुल 221 बच्चों में से 125 बालिकाएं (56.5फीसदी) थीं, जबकि लड़कों की संख्या 96 रही। यह पैटर्न वर्ष 2024-25 के भी अनुरूप है, जब 57 लड़कों की तुलना में 76 लड़कियों को नया परिवार और खुशियां मिली थीं।
विशेष आवश्यकता वाले 12 बच्चों को मिला आशियाना
स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ष 2025-26 में गोद लिए गए 221 बच्चों में से 209 बच्चे सामान्य स्वास्थ्य श्रेणी के थे। हालांकि, सबसे सराहनीय पहलू यह रहा कि शारीरिक या मानसिक रूप से विशेष आवश्यकता वाले (स्पेशल नीड्स) 12 बच्चों को भी परिवारों का प्यार मिला। इनमें से 8 बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय अभिभावकों द्वारा गोद लिया गया।
गेद लेने की स्थिति
कुल गोद लिए गए बच्चे  2024-25 में 133 और 2025-26 221, देश के भीतर (घरेलू) 2024-25 में 121 ओर 2025-26 में 207, विदेशों में 2024-25 में  12 और 2025-26 में 14 इसी तरह बालिकाएं  2024-25 में 76 और 2025-26 में 25 एवं बालक 2024-25 में 57 और 2025-26 96 गोद लिए गए थे।
2 बिलकिस बानो और कंगना रनौत विवाद, महिला कांग्रेस ने प्रदर्षन कर फूंका पुतला
भोपाल। नारी सम्मान और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं,  इस कड़े संदेश के साथ मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज राजधानी भोपाल में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के बाहर एकत्र हुई सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया और भाजपा नेताओं के बयानों को महिला विरोधी करार दिया।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी द्वारा बिलकिस बानो मामले के दोषियों के कथित समर्थन व स्वागत और भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा आंदोलनकारी महिलाओं पर की गई विवादित टिप्पणियों के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जिला महिला कांग्रेस भोपाल की पदाधिकारियों ने कहा कि देश की बेटियां जब भी अपने हक, न्याय और सम्मान के लिए आवाज उठाती हैं, तो उनके सम्मान की रक्षा करना जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारी होती है। लेकिन दुर्भाग्य से सत्ता में बैठे लोग ही उनका अपमान करने में लगे हैं।
महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अन्याय, अपराध और अपमानजनक बयानबाजी के विरुद्ध उनका यह संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व को महिलाओं की गरिमा के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर तुरंत रोक लगानी चाहिए।
3  असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा स्थगित, अब 4 अक्टूबर को होगी
 15 अगस्त तक नए आवेदकों को मौका
भोपाल। संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा के साथ तिथियां टकराने के कारण मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के तीसरे चरण की परीक्षा को स्थगित कर दिया है। अब पांच प्रमुख विषयों की यह परीक्षा 4 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। आयोग ने इसका संशोधित शेड्यूल अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करने के साथ ही नए उम्मीदवारों के लिए 15 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर भी प्रदान किया है।
दरअसल, पीएससी के तीसरे चरण की परीक्षा और यूपीएससी मेंस परीक्षा एक ही समय पर होने के कारण अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा को चुनने की मजबूरी बन रही थी। इसे लेकर लगातार मिल रहे मांग पत्रों और छात्रों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन का फैसला किया है। पीसीएस के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  ने बताया कि संशोधित शेड्यूल वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। संबंधित विषयों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पुनः शुरू की जा रही है, जहाँ इच्छुक नए उम्मीदवार 15 अगस्त तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं।
4 मंत्री कृष्णा गौर ने कार्यकर्ताओं की सुनी समस्याएं
भोपाल। मंत्री कृष्णा गौर ने आज गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री कृष्णा गौर ने प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव है, उनमें शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं, जिन प्रकरणों में तत्काल निर्णय संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई और समयबद्ध निराकरण के लिए भेज दिया गया।  मंत्री ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उनकी ओर से उठाई गई सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार आमजन और कार्यकर्ताओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है तथा उनके निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
5 मंडियों का बदला रेवेन्यू टारगेट, भोपाल संभाग को मिला सबसे बड़ा लक्ष्य
जबलपुर संभाग को मिला तीन सौ करोड़ का लक्ष्य
भोपाल। प्रदेश में मंडी फीस में हाल ही में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर अब मंडी बोर्ड के राजस्व लक्ष्यों पर दिखने लगा है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद मंडी बोर्ड ने मध्यप्रदेश की सभी 259 कृषि उपज मंडियों के लिए नए सिरे से सालाना आमदनी का नया टारगेट तय कर दिया है। इस नए रेवेन्यू प्लान में भोपाल संभाग सबसे आगे रहा है, जिसे पूरे प्रदेश में सर्वाधिक कमाई का जिम्मा सौंपा गया है।
नया लक्ष्य तय होने के बाद अब पूरे राज्य की मंडियों से कुल 2243 करोड़ 74 लाख रुपए की रिकॉर्ड आमदनी जुटाने का प्लान तैयार किया गया है। भोपाल संभाग को 501 करोड़ 66 लाख रुपए (प्रदेश में सबसे ज्यादा), उज्जैन संभाग को 468 करोड़ 93 लाख रुपए (दूसरे नंबर पर), इंदौर संभाग 416 करोड़ 83 लाख रुपए (तीसरे नंबर पर), जबलपुर संभाग 303 करोड़ 26 लाख रुपए, ग्वालियर संभाग को 287 करोड़ 97 लाख रुपए, सागर संभाग को 178 करोड़ 57 लाख रुपए, रीवा संभाग 86 करोड़ 51 लाख रुपए का  लक्ष्य दिया गया है। मंडी फीस में वृद्धि के बाद बोर्ड को उम्मीद है कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और पारदर्शी व्यापार तंत्र से यह तय लक्ष्य समय रहते हासिल कर लिया जाएगा।
इन मंडियों को मिला 10 करोड़ से ज्यादा कमाई का लक्ष्य
बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार राज्य की प्रमुख मंडियों के लिए 10 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अकेले इंदौर मंडी का टारगेट 100 करोड़ के पार पहुंच गया है। इंदौर मंडी को 118.74 करोड़ रुपए, विदिशा मंडी को 25.54 करोड़ रुपए, आष्टा मंडी को 20.88 करोड़ रुपए, बरेली मंडी को 19.63 करोड़ रुपए, औबेदुल्लागंज मंडी को 19.24 करोड़ रुपए, रायसेन मंडी को 18.00 करोड़, सीहोर मंडी को 16.70 करोड़ रुपए, बैरसिया मंडी को  15.32 करोड़ रुपए, भोपाल मंडी को 14.46 करोड़ रुपए, भैरुंदा मंडी को  12.23 करोड़ रुपए, सिरोंज मंडी को 11.50 करोड़ रुपए और उदयपुरा मंडी को 11.00 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला है।
6 आदिवासियों के जमीनी मुद्दों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी कांग्रेस
अधिकार समिति की पहली बैठक
भोपाल। प्रदेश में आदिवासी समाज के संवैधानिक और सामाजिक अधिकारों की लड़ाई को धार देने के लिए कांग्रेस ने अपना खाका तैयार कर लिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की पहली उच्चस्तरीय बैठक आज भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संपन्न हुई। नेता प्रतिपक्ष और समिति के अध्यक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में हुई इस बैठक में आदिवासी समुदाय के समग्र विकास, स्वाभिमान और उनके बुनियादी अधिकारों को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई।
बैठक के दौरान राज्य में आदिवासी समाज के सामने खड़ी वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर मंथन हुआ। समिति ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के पारंपरिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन और ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। यह समिति प्रदेश के कोने-कोने से जमीनी मुद्दों का अध्ययन करेगी, उन्हें सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी। बैठक में प्रदेश के प्रमुख आदिवासी चेहरे और समिति सदस्यकृविक्रांत भूरिया, बाला बच्चन, ओंकार सिंह मरकाम, फूंदेलाल मार्काे, झूमा सोलंकी, संजय उइके, सुनील उइके तथा डॉ. अशोक मर्सकोले विशेष रूप से मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा करते हुए एक समन्वित और परिणामोन्मुख रणनीति पर अपनी सहमति जताई।
जमीनी स्तर पर जनसंवाद और तथ्यात्मक अध्ययन
समिति ने निर्णय लिया है कि केवल बैठकों तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में आदिवासियों के बीच जाकर जनसंवाद अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जमीनी समस्याओं की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके आधार पर राज्य सरकार को घेरने और नीतिगत बदलावों की मांग के लिए एक प्रभावी रोडमैप तैयार होगा।
7  किसानों की हर समस्या का समाधान सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने केला उत्पादक किसानों के खातों में ट्रांसफर किए 107.72 करोड़
भोपाल। संकट की हर घड़ी में अन्नदाताओं के साथ मजबूती से खड़ी राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित बुरहानपुर के किसानों को बड़ा संबल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन से वर्चुअली बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए आपदा पीड़ित 8,115 किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि सरकार का संकल्प है। जब तक प्रभावित किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं आ जाती, राज्य सरकार चौन से नहीं बैठेगी। उल्लेखनीय है कि मई और जून माह में आई प्राकृतिक आपदा के कारण बुरहानपुर नगर, ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों में केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। इस कठिन समय में किसानों को राहत पहुंचाते हुए मुख्यमंत्री ने मुआवजा राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी। वर्चुअल कार्यक्रम में बुरहानपुर से जुड़ीं विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर बुरहानपुर की ओर से मुख्यमंत्री को केले के रेशे से बनी विशेष राखी भेजी जाएगी।
किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने और आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से जिला स्तर पर बलराम कृषि महोत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई की पावन धरा इंदौर से हुई थी।
बुरहानपुर बनेगा प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट का हब
बुरहानपुर की विविध कृषि और उद्योग संस्कृति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कपास उत्पादक किसानों और वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मंडी टैक्स को 1 रुपये से घटाकर आधा (50 पैसे) कर दिया गया है। बुरहानपुर के कपास किसानों को धार में बन रहे पीएम मित्र पार्क का सीधा फायदा मिलेगा। केले के प्रसंस्करन (प्रोसेसिंग) और रेशे से बने कपड़ों व सजावटी सामानों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बुरहानपुर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर को टेलीकॉम सेक्टर के बड़े मैन्युफैक्चरिंग जोन के रूप में विकसित करने के लिए नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कांवड़ यात्रा के लिए निर्देश
पवित्र श्रावण मास की प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टर्स को कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में कांवड़ यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा एवं व्यवस्था में कोई कमी न रहे।


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